राजनांदगांव , फरवरी 26 -- ) छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव के कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत "निक्षय निरामय पहचान एवं उपचार अभियान" के तहत उच्च जोखिम समूहों की पहचान और जांच का कार्य जिले में निरंतर जारी है। इसी कड़ी में जिला जेल राजनांदगांव में बंद 403 कैदियों की टीबी जांच हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन.आर. नवरतन ने बताया कि सेंट्रल टीबी डिवीजन द्वारा जिले को प्राप्त हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से जांच की जा रही है। प्रथम दिवस 74 बंदियों का एक्स-रे किया गया।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. अल्पना लूनिया ने जानकारी दी कि "निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ पहचान एवं उपचार अभियान" के अंतर्गत जिले में अब तक 46,671 उच्च जोखिम व्यक्तियों का एक्स-रे तथा 17,542 व्यक्तियों की नॉट मशीन से जांच की जा चुकी है। राज्य स्तर से जिले को अब तक दो हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन प्राप्त हुई हैं, जबकि 2 अन्य मशीनें शीघ्र प्राप्त होने वाली हैं। एक मशीन का इंस्टॉलेशन पूर्ण हो चुका है। शेष मशीनों के इंस्टॉलेशन के बाद तैयार रूट चार्ट के अनुसार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में उच्च जोखिम समूहों की व्यापक जांच की जाएगी।
जिला जेल में आयोजित जांच कार्य रेडियोग्राफर (लेप्रा सोसायटी) लखन निषाद, टीबी मितान अपूर्व यादव एवं गुनेश यादव, जिला कार्यक्रम समन्वयक भूषण साहू, एसटीएस भूपेश साहू तथा एसटीएलएस सतीश केशरिया की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला जेल के मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट यज्ञदत्त साहू एवं जेलर उत्तम पटेल भी उपस्थित रहे। जिले में टीबी उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में यह अभियान प्रभावी कदम साबित हो रहा है।
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