राजनांदगांव , नवम्बर 18 -- ) छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले को दो राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों यह सम्मान कलेक्टर जितेन्द्र यादव और सीईओ जिला पंचायत सुरूचि सिंह ने प्राप्त किया।

यह पुरस्कार राष्ट्रीय जल मिशन कार्यक्रम अंतर्गत मिला है। जिसके तहत किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए दो करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह उपलब्धि वर्ष 2022 में प्रारंभ किए गए मिशन जल रक्षा के सफल क्रियान्वयन का परिणाम रही है, जिसमें जिले के नागरिकों, महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्योगपतियों और जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार जिले के तीन विकासखंड भू-जल स्तर के मामले में सेमी-क्रिटिकल जोन में हैं। जिले में 85 प्रतिशत भू-जल सिंचाई, 13 प्रतिशत घरेलू उपयोग और दो प्रतिशत औद्योगिक उपयोग में हो रहा है। तेजी से गिरते जल स्तर को देखते हुए जिले ने व्यापक रणनीति के साथ जल शक्ति अभियान - कैच द रेन मोर गांव मोर पानी के अंतर्गत मिशन जल रक्षा - नारी शक्ति से जल शक्ति की शुरूआत की।

जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक द्वारा असफल बोरों मे रिचार्ज का प्रयास, परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षाजल को सीधे वाटर टेबल से जोडऩा, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआईएस-आधारित योजना निर्माण, इन कार्यों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई। सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड रायपुर द्वारा जीआईएस पद्धति को प्रमाणित करते हुए तकनीकी प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

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