राजकोट , जनवरी 23 -- गुजरात में राजकोट के अटल सरोवर की 14 लाख से अधिक लोगों ने सैर की है।
सूत्रों ने बताया कि पिछले ढाई दशक में शहरीकरण के क्षेत्र में राज्य ने अभूतपूर्व प्रगति की है। तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2005 को शहरी विकासवर्ष के रूप में मनाकर योजनाबद्ध शहरी विकास की नींव रखी थी। इन 20 वर्षों की विकास यात्रा का जश्न मनाते हुए गुजरात सरकार ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में वर्ष 2025 को शहरी विकास वर्ष घोषित किया। सुव्यवस्थित शहरी नियोजन, दूरदर्शी नीतियों और प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से गुजरात के शहर लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे हैं। विशेषकर, अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे प्रमुख शहरों में बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। राजकोट शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत विकसित किया गया अटल सरोवर इसका शानदार उदाहरण है।
अटल सरोवर का उद्घाटन श्री पटेल ने मार्च, 2024 में किया था। एक मई, 2024 को गुजरात स्थापना दिवस के अवसर पर इस सरोवर को आम जनता के लिए खोला दिया गया। तब से अब तक 14 लाख से अधिक लोगों ने अटल सरोवर की सैर की है। अटल सरोवर की विशेषता यह है कि इसे आधुनिक मनोरंजन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
अटल सरोवर आने वाले आगंतुकों के लिए उद्यान, विशेषकर बाल उद्यान, फेरिस व्हील, बोटिंक सुविधा और टॉय ट्रेन जैसे आकर्षण हैं। नागरिकों के लिए पैदल पथ, साइकिल ट्रैक और 600 चार पहिया और 1000 दोपहिया वाहनों के लिए सोलर पैनल युक्त पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, दो एम्फीथिएटर, प्रवेश प्लाजा, पार्टी प्लॉट, 16 दुकानों वाला ओपन फूड कोर्ट, 12 दुकानों वाला क्लोज्ड फूड कोर्ट तथा आरएमसी के स्वामित्व वाले ग्रामहाट के अंतर्गत 42 दुकानें विकसित की गई हैं, जो राजस्व सृजन सुनिश्चित करती हैं। इतना ही नहीं, एक विशाल ध्वज स्तंभ, लाइट एंड साउंड शो और अन्य सुविधाएं अटल सरोवर को राजकोट एवं सौराष्ट्र क्षेत्र का एक प्रमुख आकर्षण बनाएंगी।
राजकोट स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 930 एकड़ के ग्रीनफील्ड क्षेत्र में तीन तालाबों का आयोजन किया गया है, जिनका उद्देश्य वर्षा जल संचयन के लिए स्टॉर्म वाटर नेटवर्क के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। इनमें से अटल सरोवर (लेक-1) को 75 एकड़ क्षेत्रफल में 'रिड्यूस, रियूज और रिसाइकिल' के '3 आर' सिद्धांतों पर विकसित किया गया है। अटल सरोवर के अंतर्गत 25 एकड़ में 477 मिलियन लीटर जल भंडारण क्षमता विकसित की गयी है, जबकि शेष 50 एकड़ में लैंडस्केप (हरित क्षेत्र), मनोरंजन एवं जनसुविधाओं का विकास किया गया है।
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 136 करोड़ रुपये है, जिसमें 15 वर्षों तक का संचालन और रखरखाव व्यय भी शामिल है। मानसून के दौरान सरोवर में प्राकृतिक रूप से बरसाती पानी का संग्रहण होता है, जबकि गर्मी की सीजन में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत टरशरी ट्रीटमेंट प्लांट (टीटीपी) से रिसाइकिल पानी की आपूर्ति की जाती है। सौराष्ट्र क्षेत्र में अटल सरोवर के जरिए पहली बार किसी प्रोजेक्ट के विकास में '3 आर' सिद्धांतों को लागू किया गया है।
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