जयपुर , दिसम्बर 05 -- राजस्थान में राजकॉप सिटिजन ऐप से त्वरित सहायता मिलने से महिला अपराधों में कमी आई हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि राजकॉप ऐप के माध्यम से अब तक 29 हजार 742 प्रकरण सामने आए हैं जिनमें 29 हजार 737 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। ऐप के माध्यम से पीडित महिलाओं को 'ऑन द स्पॉट' त्वरित सहायता मिल रही है। इस ऐप की खासियत यह है कि पुलिस के पीड़िता तक पहुंचने का औसत रेस्पॉन्स टाइम काफी कम है। राज्य सरकार की इस पहल से जहां महिला अपराधों में कमी आई है वहीं आमजन तक कानून व्यवस्था की सुलभ पहुंच सुनिश्चित हुई है।

राजकॉप सिटिजन ऐप को उपयोग में बहुत ही सरल बनाया गया है। ऐप के माध्यम से महिलाओं को आपातकालीन एवं गैर आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस ऐप पर जाकर जब 'नीड हेल्प' बटन पर क्लिक किया जाता है, तो उसका एक नोटिफिकेशन 1090 के कंट्रोलरूम में आ जाता है। कंट्रोलरूम द्वारा पीडिता को फोन/मैसेज कर, समस्या की जानकारी लेकर तथा पीड़िता की लाइव लोकेशन ट्रेस कर तुरंत पुलिस मदद पहुंचाई जाती है। यह ऐप महिला छेड़छाड़ एवं अन्य महिला अपराध के प्रकरणों में मददगार साबित हो रही है।

राज्य सरकार इस आधी आबादी की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में चयनित पुलिस थानों में महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केन्द्रों पर पीडित महिलाओं को आवश्यक सहायता एवं परामर्श प्रदान किया जा रहा है। इसी तरह राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य में 500 'कालिका पेट्रोलिंग यूनिट' के गठन किया गया है।

महिला हेल्पलाईन-181 के माध्यम से भी महिलाओं को आवश्यक तथा त्वरित सहायता प्रदान की जा रही है। महिला सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में एंटी रोमियो स्कवॉड का गठन किया गया है। साथ ही एक हजार 24 पुलिस थानों में महिला डेस्क की स्थापना कर महिला पुलिसकर्मी की नियुक्ति, वूमेन हेल्प डेस्क, रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के तहत बालिकाओं को सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण तथा लाडली सुरक्षा योजना के तहत सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे की स्थापना जैसे कार्य किए गए हैं। पुलिस द्वारा तकनीकी नवाचारों का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे साइबर अपराधों में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

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