रांची , जनवरी 03 -- झारखंड की राजधानी रांची की लाइफलाइन मानी जाने वाली हरमू नदी की बदहाल स्थिति को लेकर आखिरकार रांची नगर निगम एक्शन मोड में आ गया है।
नगर निगम की ओर से हरमू नदी में विशेष सफाई अभियान शुरू किया गया है, जिसमें करीब 150 सफाई कर्मियों को लगाया गया है। इसके साथ ही 20 ट्रैक्टर और कई जेसीबी मशीनों की मदद से नदी से गाद, प्लास्टिक, कचरा और अवैध रूप से फेंके गए मलबे को हटाया जा रहा है।
सुबह से ही सफाईकर्मी नदी के अलग-अलग हिस्सों में जुटकर लगातार कचरा निकालने का काम कर रहे हैं। नगर निगम की पूरी टीम हरमू नदी को दोबारा स्वच्छ और प्रवाहयुक्त बनाने में जुटी हुई है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार हरमू नदी में लंबे समय से गंदगी और कचरे का अंबार जमा था, जिससे जल प्रवाह बाधित हो रहा था। इसके कारण आसपास के इलाकों में दुर्गंध फैल रही थी और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया था। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सफाई कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।
अभियान के दौरान हरमू नदी किनारे बसे लोगों को भी जागरूक किया जाएगा, ताकि वे नदी में कचरा न फेंकें और स्वच्छता बनाए रखें। नगर निगम का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि आगे भी नियमित सफाई और निगरानी की जाएगी, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
हरमू नदी के मुक्तिधाम पुल के पास भी नगर निगम की टीम सफाई कार्य में जुटी हुई है। यहां पुल के दोनों ओर जाली लगाने की योजना बनाई गई है, ताकि लोग सीधे नदी में कचरा न फेंक सकें। इसके अलावा नदी किनारे नोटिस बोर्ड भी लगाए जाएंगे। नगर निगम अधिनियम के तहत कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना और कार्रवाई की जाएगी।
सफाई कार्य पूरा होने के बाद नदी के दोनों किनारों पर नगर निगम की हॉर्टिकल्चर टीम पौधारोपण करेगी। साथ ही नदी किनारे का सौंदर्यीकरण (ब्यूटीफिकेशन) भी किया जाएगा। नगर निगम की योजना नदी किनारे हुए अतिक्रमण को अभियान चलाकर हटाने, नदी में गिरने वाले नालों के गंदे पानी और कचरे पर रोक लगाने तथा बंद पड़े सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को फिर से चालू करने की भी है। नगर निगम का दावा है कि इन प्रयासों से हरमू नदी को उसकी पुरानी पहचान और स्वच्छता वापस दिलाई जाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित