रांची , दिसंबर 15 -- झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली हाथी अपने झुंड से भटककर रिहायशी इलाके में घुस आया।
हाथी के गांव में प्रवेश करते ही लोगों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए। बताया जा रहा है कि हाथी ने सबसे पहले चकला गांव के आसपास खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को रौंद डाला, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, जब लोगों ने शोर मचाकर हाथी को भगाने की कोशिश की, तो वह और उग्र हो गया। इसी दौरान हाथी ने दो ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह है कि चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है।
हाथी के गांव में घुसने की सूचना मिलते ही इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग को तुरंत इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को आबादी वाले क्षेत्र से बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। वन अधिकारियों ने बताया कि हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल और वनकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती कर दी गई है। ग्रामीणों से सख्त अपील की गई है कि वे अपने घरों में ही रहें, हाथी के नजदीक न जाएं और किसी भी तरह से उसे उकसाने की कोशिश न करें। वन विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सर्दियों के मौसम में अक्सर जंगली हाथी भोजन और पानी की तलाश में जंगलों से निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर भटक आते हैं। पिछले कुछ सप्ताहों में रांची के अलावा गुमला, लोहरदगा और खूंटी जिलों में भी हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने की कई घटनाएं सामने आई हैं। हाल ही में गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड में हाथियों के झुंड ने धान की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था, जबकि लोहरदगा के भंडरा इलाके में हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित