मुंबई , जनवरी 06 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत विलासराव देशमुख पर अपनी टिप्पणी को लेकर खेद व्यक्त करते हुए कहा है कि नगर निगम चुनाव का मकसद नागरिक सुविधाओं पर ध्यान देना और यह तय करना है कि कौन सी पार्टी तेजी से विकास कर सकती है।
श्री चव्हाण ने कहा, "मैंने विलासराव देशमुख के बारे में कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की। वह एक वरिष्ठ नेता थे और मुख्यमंत्री के रूप में काम किया था।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने चुनाव प्रचार को विलासराव देशमुख के इर्द-गिर्द केंद्रित करके वोट मांग रही है, इसीलिए हमने लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए कामों को देखने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अगर देशमुख के परिवार के सदस्यों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो वह ईमानदारी से माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि उनके बयान को राजनीतिक तौर पर नहीं देखा जाए और उन्होंने यही बात श्री देशमुख के बेटे से भी कही है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब श्री चव्हाण ने लातूर में चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि लोगों का उत्साह दिखाता है कि 'विलासराव देशमुख की 100 प्रतिशत यादें शहर से मिटा दी जाएंगी।' इस टिप्पणी पर पूरे महाराष्ट्र में खासकर कांग्रेस में तीखी प्रतिक्रिया हुई।
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