श्रीनगर , नवंबर 13 -- आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने गुरुवार को कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु और हुर्रियत प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक से श्रीनगर स्थित उनके आवास पर मुलाकात की।

मीरवाइज के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस सौहार्दपूर्ण बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने आज की दुनिया में शांति, करुणा और सर्वधर्म सद्भाव के महत्व पर चर्चा की।

सात साल बाद कश्मीर दौरे पर आए श्री श्री ने घाटी में वापस आने पर खुशी जताई और सह-अस्तित्व के प्रतीक के रूप में इसकी आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक विरासत की सराहना की।

कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु ने उनका स्वागत किया और दोहराया कि मीरवाइज संस्था शांति और संवाद के प्रति प्रतिबद्ध है क्योंकि यह मुद्दों को सुलझाने तथा मतभेदों को सुलझाने का सबसे मानवीय और प्रभावी तरीका है।

एक बयान में कहा गया,"दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि अन्याय और अशक्तता कट्टरपंथ को जन्म देती है जिससे शांति को खतरा होता है।"मीरवाइज ने घाटी में श्री श्री रविशंकर के हालिया नशा विरोधी अभियान की भी सराहना की।

श्री रविशंकर के श्रीनगर सेंट्रल जेल के आगामी दौरे का जिक्र करते हुए मीरवाइज ने जोर देकर कहा कि राजनीतिक बंदियों और युवाओं की रिहाई के प्रयासों में दयालु तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने नेता से इसमें अपनी भूमिका निभाने का आग्रह किया।

दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि शांति और मानवीय गरिमा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर संवाद तथा आपसी समझ ज़रूरी है।

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