पटना सिटी , जनवरी 07 -- सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था नवशक्ति निकेतन के बैनर तले आयोजित एक कार्यक्रम में बुधवार को शायर रमेश कंवल और खुर्शीद अकबर को इस वर्ष 'शाद अजीमाबादी सम्मान' से नवाजा गया।
शायर शाद अजीमाबादी की 99वीं पुण्य तिथि के अवसर पर 'नवशक्ति निकेतन' के सदस्यों ने संस्था के प्रधान महासचिव कमलनयन श्रीवास्तव के नेतृत्व में मशहूर शायर के हाजी गंज स्थित मजार पर चादरपोशी और गुलपोशी कर फतेहा के साथ उन्हें नमन किया। आज के कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कवि रमेश कंवल एवं वरिष्ठ शायर खुर्शीद अकबर को 'शाद अज़ीमाबादी सम्मान' तथा कवयित्री पूनम सिन्हा 'प्रेयसी' एवं शायरा जीनत शेख को 'साहित्य और समाज सेवा सम्मान' से नवाजा गया। उन्हें शॉल, प्रतीक चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॅा. अनिल सुलभ ने शाद को राष्ट्रीय एकता का मुकम्मल शायर बताया। अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने शाद की स्मृति-रक्षा पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष, उर्दू और हिन्दी के महान शायर 'शाद' अजीमाबादी की 100 वीं पुण्यतिथि पर एक भव्य आयोजन किया जाएगा, जिससे देश के लोगों को मालूम हो कि बिहार की राजधानी पटना में 'शाद' जैसे एक महान शायर हुए थे, जिन्हें 'ग़ालिब' और 'मीर' भी अदब की नज़र से देखते थे। उन्होंने कहा कि 'शाद' जैसे महान शायर को संप्रदाय और जाति के तंग नज़रिए से देखा जाना एक गुनाह है, पाप है। कवियों-शायरों की एक अलग जाति होती है और ये दुनिया के दीनो-धरम से बहुत ऊपर होते हैं।
वरिष्ठ साहित्यकार भगवती प्रसाद द्धिवेदी ने शाद की दुलर्भ रचनाओं को हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं में में प्रकाशित कराने की मांग सरकार से की।
शाद के प्रपौत्र सैय्यद शकील अहमद ने शाद की मजार को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग सरकार से की।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्थानीय विधायक रत्नेश कुशवाहा ने वरिष्ठ पत्रकार रेहान गनी के इस प्रस्ताव का समर्थन किया कि शाद की 100 वीं पुण्य तिथि को इस रूप में मनाया जाए।
पटना की महापौर सीता साहू ने श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि इस गली में 'शाद' की प्रस्तर-पट्टिका' शीघ्र लगा दी जाएगी।
वरिष्ठ पत्रकार अशरफ़ फ़रीद ने कहा कि दूसरे मुल्क के लोग अपने साहित्यकारों की जितनी इज़्ज़त करते हैं, उतनी हम नहीं कर पाते।
वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानवर्धन मिश्र, रेहान गनी, शाद के प्रपौत्र शकील अहमद, मधुरेश नारायण तथा संस्था के अध्यक्ष रामा शंकर प्रसाद ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
आरम्भ में अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्था के सचिव कमल नयन श्रीवास्तव ने सरकार से मांग की कि शतब्दी-समारोह के पूर्व शाद की मज़ार को 'राष्ट्रीय-स्मारक' घोषित करे तथा उनके सम्मान में स्मृति डाक-टिकट जारी हो।
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