उज्जैन , नवम्बर 13 -- लगभग 150 वर्षों से अधिक प्राचीन मध्यप्रदेश के उज्जैन संभाग के रतलाम रेलवे स्टेशन का कल स्टेशन महोत्सव मनाया जाएगा।
रतलाम मंडल की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया कि दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग के मध्य बिंदु पर स्थित पश्चिम रेलवे का रतलाम रेलवे स्टेशन का इतिहास होलकर, सिंधिया और राजपुताना-मालवा रेल से लेकर आज के पश्चिम रेलवे तक विकास, विरासत और प्रगति की एक अनोखी कहानी है।
होलकर रेलवे स्टेट की स्थापना वर्ष 1870 से 1876 के बीच महाराजा तुकोजीराव होलकर द्वितीय की दूरदर्शी पहल पर खंडवा से इंदौर के मध्य की गई थी। इसके उपरांत महाराजा सिंधिया द्वारा 1871 से 1880 के बीच इंदौर-नीमच मीटर गेज रेल लाइन का निर्माण कराया गया, जिसे सिंधिया-नीमच रेलवे के नाम से जाना गया। वर्ष 1881 में नीमच-नसीराबाद लाइन के पूर्ण होने के साथ यह क्षेत्र रेल संपर्क से और अधिक सशक्त हुआ।
वर्ष 1881-82 के दौरान होलकर रेलवे, सिंधिया-नीमच रेलवे और राजपुताना रेलवे का एकीकरण कर राजपुताना-मालवा रेलवे का गठन किया गया। रतलाम में पहली मीटर गेज रेल लाइन 1874 में प्रारंभ हुई, जबकि लगभग दो दशक बाद वर्ष 1893 में ब्रॉड गेज रेल लाइन का शुभारंभ हुआ, जो मुंबई (तत्कालीन बंबई) - दिल्ली मुख्य मार्ग का एक प्रमुख हिस्सा थी।
रतलाम मंडल की पहली ब्रॉड गेज लाइन गोधरा से लिमखेड़ा के बीच 1893 में प्रारंभ हुई, जबकि रतलाम-नागदा -उज्जैन खंड पर ब्रॉड गेज लाइन 1896 में खुली। 1885 से लेकर स्वतंत्रता प्राप्ति तक इन रेल व्यवस्थाओं का संचालन बॉम्बे, बड़ौदा एवं सेंट्रल इंडिया रेलवे के अधीन रहा, जिसके बाद इसका प्रबंधन भारत सरकार द्वारा संभाला गया।
रतलाम रेलवे स्टेशन का वर्तमान भवन लगभग सौ वर्ष पुराना है। इंडो-सारसेनिक स्थापत्य शैली में निर्मित यह दो-मंजिला भव्य इमारत अपने कलात्मक झरोखों, मेहराबी बरामदों और स्थापत्य की सुंदरता के लिए विख्यात है। यह भवन रतलाम शहर की ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न प्रतीक बन चुका है।
मंडल रेल प्रबंधक अश्विनी कुमार ने बताया कि शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर 14 नवम्बर को रतलाम मंडल पर अनेक आकर्षक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा 100 बैलून छोड़ने के साथ होगी। ऐतिहासिक फोटो प्रदर्शनी एवं हेरिटेज आर्टिफैक्ट प्रदर्शनी का शुभारंभ किया जाएगा। स्टेशन परिसर में शताब्दी वर्ष वॉल का अनावरण एवं हिलियम बैलून रेजिंग का आयोजन होगा। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा बाइक परेड का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सिविल डिफेंस, स्काउट गाइड और स्कूली बच्चों की परेड भी शामिल होगी।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हुए आदिवासी लोक नृत्य का मंचन विशेष आकर्षण रहेगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित