रतलाम , जनवरी 24 -- रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ ट्रेनों की गति, संरक्षा एवं सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से रतलाम मंडल द्वारा ट्रैक साइड फेंसिंग (बाउंड्री वॉल/सेफ्टी फेंसिंग) का काम किया जा रहा है।

रतलाम मंडल जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि रतलाम मंडल द्वारा यह कार्य दो अलग-अलग रूपों में किया जा रहा है। रतलाम मंडल का नागदा-गोधरा रेलखंड, मुंबई-दिल्ली सेमी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे 160 किमी प्रति घंटा की गति के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत ट्रेनों की गति बनाए रखने तथा रेलवे ट्रैक पर पशुओं के आने से होने वाले रेल एवं किसानों के नुकसान को रोकने के उद्देश्य से नागदा-गोधरा रेलखंड के चिन्हित स्थानों पर लगभग 98 किलोमीटर रेलखंड को बाउंड्री वॉल से सुरक्षित करने का कार्य आरंभ किया गया था, जिसे पूर्ण कर लिया गया है। इससे न केवल ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित हुआ है, बल्कि पशु मालिकों को भी सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।

इसके अतिरिक्त रतलाम मंडल के चंदेरिया-मंदसौर, मंदसौर-रतलाम, मंदसौर-इंदौर, इंदौर-डॉ.अंबेडकर नगर- खंडवा, नागदा-भोपाल तथा उज्जैन-देवास -इंदौर रेलखंडों के चिन्हित लोकेशनों पर सेफ्टी फेंसिंग/बाउंड्री वॉल निर्माण का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। इन रेलखंडों में कुल लगभग 501 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में बाउंड्री वॉल का निर्माण प्रस्तावित है। गत वर्ष के दौरान लगभग 127 किलोमीटर क्षेत्र में बाउंड्री वॉल का निर्माण किया गया, जबकि वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 80 किलोमीटर क्षेत्र में बाउंड्री वॉल का निर्माण पूरा किया जा चुका है।

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