नयी दिल्ली , मई 05 -- वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर मंगलवार को नयी दिल्ली पहुंचे।
वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव श्री लाम का आगमन पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने उनका अभिनंदन किया। उनकी तीन दिवसीय यह यात्रा एक महत्वपूर्ण अवसर पर हो रही है, क्योंकि दोनों देश अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे कर रहे हैं। उम्मीद है कि इससे द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलेगी और रक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार होगा।
राष्ट्रपति श्री लाम इससे पहले दिन में बिहार स्थित गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे थे जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फूलों का गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया था। उन्होंने महाबोधि मंदिर में पूजा अर्चना कर भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लिया। बोधगया के ज्ञानस्थली महाबोधि मंदिर में राष्ट्रपति ने अपने पूरे कैबिनेट, मंत्रिमंडल के 30 सदस्यों के साथ भगवान बुद्ध की पूजा और आराधना की। इसके बाद वह नयी दिल्ली के लिये रवाना हुए।
उनके साथ मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और एक मजबूत व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल है, जो भारत और वियतनाम के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है।
श्री लाम भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों में नयी ऊर्जा भरना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नये रास्तों को तलाशना है। उनका छह मई को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं के साथ-साथ प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक वार्ता करेंगे। इस यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे और अन्य वरिष्ठ भारतीय नेताओं के भी उनसे मिलने की उम्मीद है।
भारत और वियतनाम के बीच दीर्घकालिक ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं, जिनकी जड़ें साझा उपनिवेशवाद-विरोधी संघर्षों में निहित हैं और 1972 से दशकों के राजनयिक जुड़ाव के माध्यम से मजबूत हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान 2016 में इस संबंध को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था और यह 2020 के शांति, समृद्धि और जन के लिए संयुक्त दृष्टिकोण द्वारा निर्देशित है। वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी में एक प्रमुख भागीदार है और वर्तमान में भारत का 15वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और आसियान में चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।
पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार हुआ है। 2025-2026 में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 16 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है, जिसमें ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है। नियमित विचार-विमर्श, संयुक्त अभ्यास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी गहरा हुआ है।
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