नयी दिल्ली , मार्च 27 -- रक्षा मंत्रालय ने सेना के लिए विमान रोधी तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की खरीद और लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान पी8आई के निरीक्षण (डिपो स्तर) के लिए कुल 858 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं।

रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इन अनुबंधों पर हस्ताक्षर यहां रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में किये गये। मंत्रालय ने बताया कि सेना के लिए 445 करोड़ रुपये की लागत से तुुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों की खरीद का अनुबंध रूस की जेएससी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ किया गया है। ये अत्याधुनिक मिसाइलें देश की बहु-स्तरीय वायु रक्षा क्षमताओं को विमान, ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलों सहित हवाई खतरों के विरुद्ध मजबूत करेंगी। यह समझौता भारत-रूस रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा।

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में भारतीय नौसेना के लिए 100 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री के साथ 'भारत से खरीदो' श्रेणी के अंतर्गत लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान पी आई के निरीक्षण (डिपो स्तर) के लिए 413 करोड़ रुपये का अनुबंध किया गया है। इस अनुबंध पर रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में बोइंग इंडिया डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड (जो बोइंग की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय सहायक कंपनी है) के साथ हस्ताक्षर किये गये।

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