नयी दिल्ली , जनवरी 08 -- इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह पर रक्षा और शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त पहल प्रोजेक्ट 'वीर गाथा 5.0 ' में रिकार्ड 1.92 करोड़ छात्रों ने हिस्सा लिया जिनमें से राष्ट्रीय स्तर पर 100 सुपर-विजेताओं का चयन किया गया है जो विशेष अतिथि के रूप में कर्तव्य पथ पर परेड के साक्षी बनेंगे। वीर गाथा में पहली बार 18 देशों के केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबंंद्ध 91 विद्यालयों के 28,000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया इस वर्ष इस परियोजना में लगभग 1.90 लाख स्कूलों के लगभग 1.92 करोड़ छात्रों ने भाग लिया, जो 2021 में शुरू होने के बाद से अब तक की सबसे अधिक भागीदारी है। राष्ट्रीय स्तर पर 100 विजेताओं का चयन किया गया है। प्रारंभिक चरण (कक्षा 3-5) से 25, मध्य चरण (कक्षा 6-8) से 25 और माध्यमिक चरण (कक्षा 9-10 और 11-12 से समान प्रतिनिधित्व) से 50 विजेताओं को चुना गया।

इस वर्ष वीर गाथा प्रोजेक्ट के तहत भागीदारी 8 सितम्बर को शुरू हुई थी । इसमें पहली बार वीडियोग्राफी, एंकरिंग, रिपोर्टिंग और कहानी सुनाने जैसे लघु वीडियो प्रारूपों को शामिल किया गया। इसके माध्यम से छात्रों को भारत की समृद्ध सैन्य परंपराओं, रणनीतियों, अभियानों और वीरतापूर्ण विरासत पर केंद्रित सामग्री तैयार के लिए प्रोत्साहित किया गया।

छात्रों को कलिंग के राजा खारवेल, पृथ्वीराज चौहान, छत्रपति शिवाजी महाराज, 1857 के योद्धाओं और जनजातीय विद्रोहों के नेताओं सहित अन्य महान भारतीय योद्धाओं की अदम्य भावना और सैन्य रणनीतियों का अध्ययन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। विषयों की इस विविधता ने न केवल प्रविष्टियों की गुणवत्ता को बढ़ाया, बल्कि प्रतिभागियों की भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की समझ को भी बढ़ाया।

एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में विदेशों में स्थित सीबीएसई- संबद्ध स्कूलों ने पहली बार इसमें भाग लिया। इन 18 देशों के 91 स्कूलों के 28,005 छात्रों ने अपनी प्रविष्टियां प्रस्तुत कीं, जो भारत की वीरता और राष्ट्रीय गौरव की कहानियों को वैश्विक दर्शकों तक ले जाने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुई और जिसने इस पहल की अंतर्राष्ट्रीय पहुँच को और मजबूत किया।

राष्ट्रीय स्तर के 100 विजेताओं के अतिरिक्त राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर आठ विजेताओं (प्रत्येक श्रेणी से दो) और जिला स्तर पर चार विजेताओं (प्रत्येक श्रेणी से एक) का चयन किया जाएगा तथा जिला अधिकारियों द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

परियोजना वीर गाथा की शुरुआत 2021 में आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में की गई थी। इस पहल का उद्देश्य वीरता पुरस्कार विजेताओं के साहस, उनके वीरतापूर्ण कार्यों और उनकी जीवन यात्राओं को उजागर करना तथा छात्रों में देशभक्ति और नागरिक कर्तव्यबोध की भावना का विकास करना है। पहले संस्करण से लेकर पांचवें संस्करण तक यह परियोजना एक प्रेरणादायक आंदोलन के रूप में विकसित हुई है, जिसकी पहुंच देशभर में ही नहीं, बल्कि विदेशों में स्थित भारतीय स्कूलों तक भी निरंतर बढ़ती गई है।

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