वडोदरा , नवंबर 05 -- पश्चिम रेलवे के स्थापना दिवस पर गुजरात में वडोदरा मंडल के स्टेशन भवन को बुधवार को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया।

जनसंपर्क अधिकारी अनुभव सक्सेना ने बताया कि बॉम्बे, बड़ौदा और सेंट्रल इंडिया रेलवे कंपनी (बीबी एंड सीआई) का गठन 1855 में किया गया था, जिसकी शुरुआत गुजरात में पश्चिमी तट पर अंकलेश्वर से उत्राण तक 29 मील ब्रॉड गेज ट्रैक के निर्माण के साथ हुई थी एवं इसका मुख्यालय सूरत में था। उसी वर्ष 21 नवम्बर, 1855 को कंपनी ने ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ सूरत से बड़ौदा और अहमदाबाद तक एक रेलवे लाइन बनाने के लिए एक समझौता किया।

इस के साथ ही पश्चिमी बंदरगाह में गुजरात में पैदा की जाने वाली कपास की भरपूर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्राण (सूरत के उत्तर) से तत्कालीन बॉम्बे तक एक लाइन शुरू करने के लिए एक और अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके अगले वर्ष लाइन पर काम शुरू हुआ और उत्राण से बॉम्बे में ग्रांट रोड स्टेशन तक की लाइन को आधिकारिक तौर पर 28 नवम्बर, 1864 को खोला गया जिसके द्वारा मुंबई में पश्चिमी लाइन की शुरुआत हुई।

श्री सक्सेना ने आगे बताया कि अपने वर्तमान स्वरूप में पश्चिम रेलवे पांच नवम्बर, 1951 को अपनी अग्रदूत, तत्कालीन बॉम्बे, बड़ौदा और सेंट्रल इंडिया रेलवे कंपनी (बीबी और सीआई) के अन्य स्टेट रेलवे जैसे सौराष्ट्र, राजपुताना और जयपुर के साथ विलय से अस्तित्व में आयी। 1850 के दशक में ब्रिटिश काल में अपने जन्म के बाद से पश्चिम रेलवे ने अपनी लंबी यात्रा में बार-बार अपनी श्रेष्ठता साबित की है।

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