बैतूल , जनवरी 22 -- मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव की नाराजगी के बाद बैतूल जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। गुरुवार को कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर सभी जनपद सीईओ और संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्टर ने जल संरचनाओं, "एक बगिया मां के नाम" अभियान सहित अन्य योजनाओं के लंबित कार्य तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीडीओ लॉगिन पर पड़ी राशि का तुरंत आहरण कर विकास कार्यों में व्यय किया जाए। योजनाओं की प्रगति कमजोर पाए जाने पर सभी जनपद सीईओ और लेखा अधिकारियों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 25 जनवरी तक लक्ष्य के अनुरूप आवास पूर्ण नहीं हुए तो संबंधित जनपद सीईओ के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन प्रस्ताव भेजा जाएगा। साथ ही लेखा अधिकारियों और ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों को एक माह का अवैतनिक नोटिस देने के निर्देश भी दिए गए।

"संकल्प से समाधान अभियान" के अंतर्गत योजनाओं में शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करने, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 554 गांवों में सभी पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने और जल जीवन मिशन में हर घर जल सर्टिफिकेशन शीघ्र पूर्ण कराने के आदेश दिए गए।

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