लखनऊ , नवंबर 03 -- उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा आयोजित मेलों ने इस वर्ष बिक्री का नया रिकॉर्ड कायम किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आयोजित विभिन्न माटीकला मेलों में कुल Rs.4.20 करोड़ से अधिक का विक्रय हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 91 लाख रुपए अधिक है। यह वृद्धि लगभग 27.7 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिससे स्पष्ट होता है कि योगी सरकार के प्रोत्साहन से पारंपरिक माटीकला उद्योग नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
अधिकारियों की मानें तो माटीकला बोर्ड ने इस वर्ष 10 दिवसीय माटीकला महोत्सव, 7 दिवसीय क्षेत्रीय मेले और 3 दिवसीय लघु माटीकला मेलों का सफल आयोजन किया। कुल 691 दुकानों के माध्यम से 4,20,46,322 रुपये की बिक्री दर्ज की गई। बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 में 878 दुकानों द्वारा 3,29,28,410 रुपये की बिक्री हुई थी। दुकानों की संख्या कम होने के बावजूद बिक्री में वृद्धि यह दर्शाती है कि उत्पादों की गुणवत्ता, बेहतर प्रदर्शन और उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि ने इस क्षेत्र को नई ऊर्जा दी है।
लखनऊ के खादी भवन में 10 से 19 अक्टूबर तक आयोजित माटीकला महोत्सव में 56 दुकानों से 1.22 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। वहीं, गोरखपुर, आगरा, कानपुर देहात और मुरादाबाद में 13 से 19 अक्टूबर तक आयोजित क्षेत्रीय मेलों में 126 दुकानों ने 78.84 लाख की बिक्री की। प्रदेश के 70 जिलों में 17 से 19 अक्टूबर तक आयोजित लघु मेलों में 509 दुकानों के माध्यम से 2.19 करोड़ की बिक्री हुई, जो आमजन की बढ़ती दिलचस्पी का प्रमाण है।
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