लखनऊ , दिसंबर 18 -- उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों को बच्चों के लिए ज्यादा सुरक्षित, संवेदनशील और सहयोगी बनाने की दिशा में बेसिक शिक्षा विभाग ने एक अहम कदम उठाया है।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के निर्देशन में शिक्षकों को सेल्फ-एस्टीम (आत्मसम्मान) से जुड़ी विशेष ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है। यह ट्रेनिंग दीक्षा (दीक्षा) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से कराई जा रही है।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सिर्फ पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाना नहीं है, बल्कि बच्चों, खासतौर पर बालिकाओं में आत्मविश्वास, स्वाभिमान, भावनात्मक सुरक्षा और बराबरी की भावना विकसित करना भी है। यह ट्रेनिंग मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी, ताकि सभी शिक्षक समय पर इसे पूरा कर सकें। कार्यक्रम समग्र शिक्षा अभियान के तहत चलाया जा रहा है और इसमें उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट स्कूलों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार अब तक पहले चरण में 54,347 शिक्षक-शिक्षिकाएं यह प्रशिक्षण पूरा कर चुकी हैं, जबकि बाकी शिक्षकों के लिए दूसरा चरण अभी चल रहा है। वहीं ट्रेनिंग को शिक्षकों की जिम्मेदारी के अनुसार दो हिस्सों में बांटा गया है। कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए एक अलग कोर्स है, जबकि कम्पोजिट स्कूलों और केजीबीवी में काम करने वाले शिक्षकों के लिए दूसरा कोर्स तैयार किया गया है, ताकि प्रशिक्षण ज्यादा उपयोगी और व्यवहारिक हो सके।

ट्रेनिंग में शिक्षकों को बताया जा रहा है कि कक्षा और स्कूल के माहौल में बच्चों से कैसे बात करें, कैसा व्यवहार रखें और कैसे पढ़ाएं, जिससे हर बच्चा खुद को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मविश्वास से भरा महसूस करे। साथ ही लड़के-लड़कियों के प्रति समान सोच, सकारात्मक व्यवहार और संवेदनशीलता पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि सरकार चाहती है कि स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह न होकर ऐसे स्थान बनें, जहां बच्चों को सुरक्षा, सम्मान और बराबरी का माहौल मिले। सेल्फ-एस्टीम आधारित ट्रेनिंग से स्कूलों में सकारात्मक और संवेदनशील वातावरण बनेगा, जिसका सीधा फायदा बच्चों को मिलेगा।

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