रोम , दिसंबर 06 -- यूनान में सब्सिडी मिलने में महीनों की देरी होने से नाराज चल रहे किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। नाराज किसानों ने शुक्रवार को कहा कि उनके खेत बिना बुवाई के रह गए हैं और उनके परिवार कर्ज में डूब गए हैं।

ये गुस्साए सैकड़ों किसान ग्रीस के थेसालोनिकी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास जमा हुए और 100 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ 200 से अधिक किसानों ने हवाई अड्डे की ओर जाने वाली एक सड़क को जाम कर दिया। एक छोटे समूह ने हवाई अड्डे के मुख्य प्रवेश मार्ग को बंद करने के लिए पुलिस घेरा तोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आँसू गैस छोड़ा, जिससे किसानों को पीछे हटना पड़ा, लेकिन उनका विरोध नहीं रुका।

किसानों का कहना है कि उनका संघर्ष अशांति पैदा करने के लिए नहीं, बल्कि किसान के रूप में जीवित रहने के लिए संघर्ष है। किसानों का कहना है कि अभी बुवाई का मौसम है और वे बुनियादी चीजों के लिए यहाँ लड़ रहे हैं। अगर खेती बंद हो जाएगी, तो शहरों को सबसे पहले इसका एहसास होगा।

पूरे देश में, किसानों ने बुल्गारिया, तुर्की और उत्तरी मैसेडोनिया के साथ की सीमा चौकियों पर और प्रमुख राजमार्गों पर हजारों ट्रैक्टर खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि यूरोपीय संघ द्वारा समर्थित सब्सिडी भुगतान में देरी ने उन्हें बुवाई के मौसम के दौरान बीज, उर्वरक या ईंधन खरीदने में असमर्थ बना दिया है। इसी के कारण उन्हें कदम उठाने पड़ रहे हैं।

दरअसल सरकार फर्जी दावों से जुड़ी एक बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद सभी सब्सिडी आवेदनों की दोबारा जाँच कर रही हैं। किसान इस फर्जीवाडे़ को रोकने का समर्थन करते हैं, लेकिन उनका कहना है कि ईमानदार किसानों को अब इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।

थेसालोनिकी किसान संघ के उपाध्यक्ष ख्रीस्टोस त्सिलियास ने कहा, "हमें किसी ऐसी चीज़ के लिए दंडित किया जा रहा है जो हमने नहीं की है। इस समय थेसालोनिकी और हाल्किदिकी के मैदानों में बुवाई नहीं हुई है। हमारे पास कच्चे माल के लिए पैसे ही नहीं हैं।"उल्लेखनीय है कि हाल ही में देश में एक बड़े सब्सिडी घोटाले का खुलासा हुआ था। यूरोपीय लोक अभियोजक कार्यालय द्वारा उजागर किए गए इस घोटाले में 324 लोगों की पहचान की गई, जिन्हें 19.6 यूरो मिलियन की संदिग्ध सब्सिडी मिली थी। इसके परिणामस्वरूप पाँच वरिष्ठ अधिकारियों को इस्तीफा देना पड़ा और भुगतान संभालने वाली एजेंसी को बंद करना पड़ा। लेकिन किसानों को इसके कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनको सब्सिडी मिलने में देरी हो रही है।

इस वर्ष बकरियों और भेड़ों में चेचक के प्रकोप ने किसानों की समस्याओं को और बढ़ा दिया था। इस प्रकोप के कारण बड़ी संख्या में पशुओं को मारना पड़ा था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित