भरतपुर , मार्च 05 -- राजस्थान में करौली जिला मुख्यालय पर अनाज मंडी स्थित अग्रवाल धर्मशाला में गुरुवार को यूजीसी कानून के विरोध में विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ "सद्बुद्धि यज्ञ" का आयोजन किया गया।
आयोजनकर्ताओं ने बताया कि यज्ञ के जरिए सरकार से नए नियम वापस लेने और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करने की मांग की गई। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों और सामान्य समाज के लोगों ने शामिल होकर अपनी नाराजगी भी व्यक्त की।
यूजीसी विरोध संघर्ष समिति के तत्वावधान में संपन्न यज्ञ के दौरान बताया गया कि प्रस्तावित यूजीसी कानून को लेकर सामान्य समाज के विद्यार्थियों में असंतोष है। कानून विद्यार्थियों के हितों के विपरीत है और इससे उनके अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। देशभर में समाज के विभिन्न वर्गों में इस कानून को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ कई राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं अपना रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
सद्बुद्धि यज्ञ में शामिल समाज के गणमान्य लोग, युवा और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिको ने चेतावनी दी कि समय रहते इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ, तो विरोध को और व्यापक रूप दिया जायेगा।
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