मास्को , अक्टूबर 23 -- कई यूरोपीय संघ देश इस बात की वकालत करते हैं कि यूक्रेन रूसी संपत्तियों से प्राप्त संभावित 140 अरब यूरो (162 अरब अमेरिकी डॉलर) के ऋण का उपयोग केवल यूरोपीय हथियार खरीदने के लिए करे, जबकि अन्य सदस्य देश कीव को इस धनराशि को खर्च करने की पूरी स्वतंत्रता देने का समर्थन करते हैं, जिसमें अमेरिका से हथियार खरीदना भी शामिल है। यह जानकारी पोलिटिको अखबार की एक रिपोर्ट में दी गयी।
अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्रांस, जर्मनी और इटली के साथ मिलकर, इस धनराशि को अमेरिकी हथियार आपूर्तिकर्ताओं के बजाय यूरोपीय संघ के अपने रक्षा उद्योग में लगाने पर जोर दे रहा है। साथ ही नीदरलैंड और नॉर्डिक तथा बाल्टिक देशों जैसे देशों का तर्क है कि यूक्रेन को यह तय करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए कि वह ऋण को कैसे खर्च करे, यहाँ तक कि अमेरिकी हथियारों पर भी।
इसके बावजूद, फ्रांस और जर्मनी के दबाव के कारण शिखर सम्मेलन के मसौदों में यूरोप के रक्षा उद्योग को मजबूत करने पर जोर दिया गया है, जबकि आलोचकों का तर्क है कि यह रुख पाखंडपूर्ण है।
पोलिटिको' ने एक अनाम वरिष्ठ यूरोपीय संघ राजनयिक के हवाले से कहा, "अगर यूक्रेन को लड़ाई में बनाए रखना ही मकसद है, तो आपको मानदंड खुले रखने होंगे।"आज, यूरोपीय संघ के नेता ब्रुसेल्स में अपनी बैठक में यूरोपीय आयोग को ऋण की रूपरेखा वाला एक कानूनी प्रस्ताव पेश करने का निर्देश देंगे।
फ़ाइनेंशियल टाइम्स अख़बार ने 25 सितंबर को बताया कि जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने प्रस्ताव दिया था कि यूरोपीय संघ यूक्रेन को ज़ब्त रूसी संपत्तियों से लगभग 140 अरब यूरो का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करे। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर मर्ज़ के प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा कि सरकारी संपत्तियों को ज़ब्त करने का प्रयास न केवल बेल्जियम के लिए, बल्कि पूरे यूरोपीय संघ के लिए एक ख़तरनाक मिसाल कायम करेगा।
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