रामनगर , जनवरी 02 -- उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने अंकिता हत्याकांड की केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग को लेकर पीरुमदारा क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला फूंका और अपना रोष प्रकट किया।
यह प्रदर्शन यूकेडी के केंद्रीय उपाध्यक्ष इंद्र सिंह मनराल के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार शुरू से ही वीआईपी आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। इसी के तहत अंकिता के रिसोर्ट स्थित कमरे को बुलडोजर से तोड़कर महत्वपूर्ण सबूत नष्ट किए गए। उन्होंने कहा कि आज वही सरकार जनता से सबूत मांग रही है, जबकि सच्चाई यह है कि उत्तराखंड की जनता स्वयं सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रही है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा के कई स्वाभिमानी नेता लगातार इस्तीफा दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद धामी सरकार वीआईपी के पक्ष में खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में 50-60 वर्षों से बसे लोगों को उजाड़ा जा रहा है और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जो जनविरोधी नीति को दर्शाता है।
दल के नेताओं ने प्रदेश सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज उत्तराखंड की जनता के साथ नहीं, बल्कि दिल्ली के इशारों पर काम कर रहे हैं। यही कारण है कि अंकिता हत्याकांड में अब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस सरकार के इशारे पर सामाजिक कार्यकर्ताओं, संगठनों, पत्रकारों और जनआंदोलनों को दबाने का काम कर रही है। मुकदमे दर्ज कर जनता की आवाज को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। यूकेडी ने कहा कि राज्य के लिए शहीद हुए लोगों ने ऐसे उत्तराखंड की कल्पना नहीं की थी।
इस दौरान केंद्रीय महामंत्री राकेश चौहान, केंद्रीय उपाध्यक्ष इंद्र सिंह मनराल, योगेश सती, गोपाल सिंह रावत, ललित अधिकारी, आयुष रावत, गिरीश सुंदरियाल, लक्ष्मी शर्मा, दीपा, पूजा, रेनू, सरोजिनी रावत, पंकज कुमार, जयंती, संतोषी रावत, शिव सिंह रावत, महेश उपाध्याय, गोपाल बिष्ट सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
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