चंडीगढ़ , मई 04 -- उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएनएल) ने मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित दीवान को वित्तीय धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।
दीवान पर हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड में वित्त निदेशक के रूप में प्रतिनियुक्ति के दौरान जाली वित्तीय अभिलेख, अनधिकृत बैंकिंग लेनदेन और सार्वजनिक धन के गबन के गंभीर आरोप लगे थे। जांच के बाद यूएचबीवीएनएल के प्रबंध निदेशक ने बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। राज्य सतर्कता ब्यूरो की जांच के बाद मामला अब सीबीआई को सौंपा गया है।
जांच में सामने आया कि दीवान ने कुछ बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी धन को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के खातों में नियमों का उल्लंघन कर स्थानांतरित किया। एक मामले में 50 करोड़ रुपये की राशि ऐसे खाते में जमा की गई, जहां बाद में फिक्स्ड डिपॉजिट रिकॉर्ड में हेराफेरी और अनधिकृत लेनदेन किए गए।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों से पता चला कि दीवान ने कंपनी के हितों से समझौता कर अवैध रिश्वत ली। उन पर छह जनवरी 2026 को भ्रष्टाचार के तहत 50 लाख रुपये लेने का आरोप है। दीवान को 18 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वे निलंबित थे।
यूएचबीवीएनएल ने कहा कि उनका आचरण निंदनीय था और इससे सरकार व बिजली कंपनियों की छवि को नुकसान पहुंचा। सबूतों से छेड़छाड़ और अधीनस्थों को प्रभावित करने की संभावना के कारण विभागीय जांच संभव नहीं थी। 2018 के नियमों के तहत जनहित और प्रशासनिक अखंडता बनाए रखने के लिए उन्हें स्थायी रूप से सेवा से हटाया गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित