नयी दिल्ली , जनवरी 28 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि आज युवा मन में एक और सकारात्मक बदलाव देख रहे हैं और वह आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी और मेक इन इंडिया को अपनी जिम्मेदारी मान रहा है।

श्रीमती मुर्मु ने बुधवार को बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा, "आज भारत के युवा मन में हम एक और सकारात्मक बदलाव देख रहे हैं। देश का युवा आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी और मेक इन इंडिया को अपनी जिम्मेदारी मान रहा है। मुद्रा योजना जैसे प्रयास इन युवाओं में उद्यमिता और स्वरोजगार की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं। इस स्कीम के तहत, अभी तक 38 लाख करोड़ रुपए से अधिक का फंड, छोटे-छोटे उद्यमियों को मिला है। करीब 12 करोड़ रुपये से अधिक लोन पहली बार स्वरोजगार शुरू करने के लिए दिए गए हैं।''उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत देश के 20 लाख से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण और बैंक से मदद दी जा रही है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत भी रेहड़ी-फुटपाथ पर काम करने वाले 72 लाख लोगों को 16 हज़ार करोड़ रुपए की मदद मिल चुकी है।

राष्ट्रपति ने कहा कि अभी हाल ही में स्टार्ट-अप इंडिया प्रोग्राम ने अपने 10 साल पूरे किए हैं। इन 10 वर्षों में भारत दुनिया का तीसरा बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन गया है। एक दशक पहले तक देश में 500 से भी कम स्टार्ट अप थे। आज देश में लगभग दो लाख स्टार्ट-अप पंजीकृत हो चुकेहैं। पिछले साल ही करीब 50 हजार नए स्टार्ट अप पंजीकृत हुए हैं। हमारे स्टार्टअप्स नेटवर्क में 20 लाख से अधिक युवा काम कर रहे हैं। इन स्टार्टअप्स में से 45 प्रतिशत में कम से कम एक डायरेक्टर महिला है।

उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में विभिन्न रोजगार मेलों के माध्यम से सरकार ने लाखों युवाओं को पक्की नौकरी दी है। प्राइवेट सेक्टर में भी एक लाख करोड़ रुपए के बजट की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू की गई है। इसके तहत साढ़े तीन करोड़ नए रोजगार सृजित किए जा रहे हैं। सरकार के प्रयासों से आईटी सर्विस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स में भी एक करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है।

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