रांची , फरवरी 09 -- झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि वीर बुधु भगत हमारे क्षेत्र के गौरव और प्रेरणा के प्रतीक है।
उनके बलिदान और संघर्ष की गाथा को आज की नई पीढ़ी को बताना, हम सबकी जिम्मेदारी है।
चान्हो के सिलागाई में आगामी 17 फरवरी को शहीद वीर बुधु भगत की 234 वीं जयंती समारोह मनाई जाएगी। इस लेकर सोमवार को सुश्री तिर्की ने वीर बुधु भगत स्मारक समिति के पदाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधि के साथ तैयारियों पर समीक्षा बैठक की। जयंती समारोह को भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक के दौरान जयंती समारोह की रूपरेखा, अतिथियों के स्वागत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात, पेयजल, साफ-सफाई तथा विकास मेला के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय कर कार्यों का बंटवारा भी किया गया है, ताकि समय रहते सभी तैयारियां पूरी हो सकें।
सुश्री तिर्की ने निर्देश दिया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी जयंती समारोह को भव्यता के साथ मनाया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। जयंती समारोह के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए आसपास के गांवों और प्रखंडों तक कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य इस मौके पर आयोजित विकास मेला में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसको लेकर भी मंत्री ने पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है।
सुश्री तिर्की ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधि आपसी समन्वय बनाकर काम करें। योजना की पात्रता रखने वाले लाभुकों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए।
मौके पर स्मारक समिति के अध्यक्ष शिवपूजन भगत, महासचिव गोपाल भगत, बीडीओ वरुण कुमार, थाना प्रभारी टिंकू रजक, कांग्रेस पार्टी के पीसीसी डेलीगेट दिलीप सिंह, अजीत सिंह, सूका उरांव, भोआ उरांव, अल्फ्रेड मिंज, मो. मुजीबुल्ला , मंगलदेव उरांव, मुखिया महादेव भगत, शिव उरांव, अनिल गोप, प्रो. रामकिशोर भगत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहें।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित