जयपुर , अप्रैल 28 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि युवाओं को सनातन की वैज्ञानिकता की जानकारी दिये जाने की जरूरत है और उन्हें रामायण और गीता के अध्ययन के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

श्री देवनानी ने संस्कृति युवा संस्था द्वारा आयोजित सनातन संवाद कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने सनातनपर गहन मंथन के साथ व्यावहारिक पहल की आवश्यकता बताते हुए कहा है कि सनातन के माध्यम से सभी समाजों को जोडना चाहिए।

उन्होंने सनातन संवाद को सामायिक विषय बताया और कहा कि सनातन शाश्वत है, इसलिए इस संवाद को अनन्त रखा जाये। सनातन को कोई खत्म नहीं कर सका है और न ही कोई कर सकेगा। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से सनातन बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति एवं सामाजिक व्यवस्था, समाज-परिवार व्यवस्था और वर्तमान समय में सनातन मूल्यों की प्रासंगिकता, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण एवं जनजागरण जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की आवश्यकता है। श्री देवनानी ने कहा कि सनातन संस्कृति हमारी पहचान और समाज की आधारशिला है। इसे सशक्त बनाये रखने के लिए संवाद, जागरूकता और समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। ऐसे संवाद समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सनातन संवाद के आयोजक और संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने कहा कि समाज में संवाद और समन्वय की आवश्यकता है। राज्य में आज अनेक स्थानों पर गृहस्थ/परिवार आधारित सेवा परंपरा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।

संवाद में विद्वानों एवं वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में समाज को जोड़ने और सकारात्मक दिशा देने के लिए ऐसे मंचों की अत्यंत आवश्यकता है। संवाद के माध्यम से ही हम परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन स्थापित कर सकते हैं।

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