ईटानगर , जनवरी 24 -- गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एक युवक की आत्महत्या के मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी टालो पोटम को दी गई जमानत को यह कहते हुए रद्द कर दी कि जमानत का आदेश 'अनुचित और गलत' था और बिना सोचे-समझे पारित कर दिया गया था।

न्यायमूर्ति यारेनजुंगला लोंगकुमेर ने मृतक 19 वर्षीय युवक गोमचू येकर के पिता की ओर से दायर याचिका को स्वीकार कर लिया।

याचिका में निर्जुली थाने में पिछले वर्ष चार नवंबर को जिला और सत्र न्यायाधीश यूपिया की ओर से मंजूर जमानत याचिका को चुनौती दी गयी है।

युवक 23 अक्टूबर, 2025 को पापुम पारे जिले के लेखी गांव में अपने किराए के घर में मृत पाया गया था। अगले दिन आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उच्च न्यायालय ने कहा कि घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में आरोपी का नाम साफ तौर पर लिखा था और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने इसकी पुष्टि की है कि यह मृतक की हैंडराइटिंग में था।

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