तेहरान , मार्च 14 -- ईरान की सेना के कमांडर-इन-चीफ़ अमीर हातामी ने चेतावनी दी है कि हिंद महासागर में सैन्य अभ्यास से लौटते समय, देश के सबसे नए युद्धपोतों में से एक आईरिस डेना के 104 क्रू सदस्यों की मौत का जवाब जरूर दिया जाएगा।
ईरान की इस्लामी गणराज्य समाचार एजेंसी (इरना) के अनुसार, उन्होंने कहा, "डेना के चालक दल ने एक शांतिपूर्ण मिशन पूरा किया था और ईरान लौटते समय उन्हें निशाना बनाया गया। इन नाविकों पर हमला तब किया गया, जब वे किसी सीधी लड़ाई में शामिल नहीं थे।"श्री हातामी ने कहा, "डेना का नाम और उसके चालक दल का बलिदान ईरान के नौसैनिक इतिहास में साहस और समर्पण का प्रतीक बना रहेगा। सेना ईरान की समुद्री सीमाओं की रक्षा करेगी और अपनी नौसैनिक शक्ति को और भी अधिक दृढ़ता के साथ मज़बूत करेगी।"उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने चार मार्च को हिन्द महासागर में आईरिस डेना को टोरपीडो से हमला करके डुबो दिया था। श्रीलंका की नौसेना ने इस पोत पर सवार ईरानी नौसैनिकों की अपील के बाद बचाव अभियान में 32 लोगों की जान बचाई। इस हमले में 84 नौसैनिकों को जान गंवानी पड़ी थी।
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