देहरादून , अक्टूबर 21 -- उत्तराखंड राज्य में अवस्थित चार धामों में से तीन के कपाट शीतकाल के लिए बन्द किए जाने की वैदिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इनमें श्री मां गंगा मंदिर (गंगोत्री धाम) के कपाट आगामी 22 अक्टूबर यानि बुधवार अन्नकूट के दिन प्रात: 11.36 बजे शीतकालीन के लिए बंद किए जाएंगे। वहीं उसके अगले दिन गुरुवार को भैया दूज पर 23 अक्टूबर को यमुनोत्री में मां यमुना मंदिर के कपाट 12.30 बजे शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसी दिन भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट भी बन्द हो जाएंगे।
शीतकाल के लिए कपाट बन्द होने के बाद श्री मां गंगा के उत्सव मूर्ति के दर्शन मुखबा गांव में जबकि मां यमुना की उत्सव मूर्ति के दर्शन खरसाली में होंगे। कार्तिक माह की अन्नकूट (गोवर्धन पूजा) के दिन मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के लिए रवाना होगी। कपाट बंद होने का समय निश्चित होने पर तीर्थ पुरोहितों और यात्रा कारोबारियों ने धामों से सामान समेटना शुरू कर दिया है।
दूसरी ओर श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया भी शनिवार से शुरू हो चुकी है। इसके तहत शनिवार को धाम के क्षेत्रपाल भकुंट भैरव नाथ मंदिर में आखिरी पूजा-अर्चना हुई। इसी के साथ केदारनाथ स्वयंभू लिंग से श्रृंगार भी हटा दिया गया। अब आरती भी सूक्ष्म रूप से हो रही है।
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