मथुरा 11अप्रैल (वार्ता) मथुरा जिले के मांट थाना क्षेत्र में शुक्रवार को यमुना नदी में हुए हृदयविदारक नाव हादसे में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पकड़े गए अभियुक्तों में लापरवाही बरतने वाला ठेकेदार और क्षमता से अधिक सवारी बिठाने वाला नाविक शामिल है। पुलिस ने इनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

मथुरा थाना मांट पुलिस को शनिवार दोपहर मुखबिर से सूचना मिली कि हादसे के जिम्मेदार आरोपी भागने की फिराक में हैं। इस पर कार्यवाही करते हुए उप-निरीक्षक भुवनेश कुमार दीक्षित और आकाश चौहान की टीम ने जुगल घाट के सामने जहांगीरपुर खादर के पास घेराबंदी की। पुलिस ने मौके से नारायण ठेकेदार निवासी मिरताना, मांट और नाविक पप्पू उर्फ दाऊजी निवासी जुगल घाट, वृंदावन को दबोच लिया। आरोपी नारायण का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है।

घटना के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 3:00 बजे पंजाब के 34 श्रद्धालु नाव में सवार होकर वृंदावन से देवराहा बाबा आश्रम जा रहे थे। इसी दौरान ठेकेदार नारायण जेसीबी की मदद से पैंटून पुल को खिंचवा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि श्रद्धालुओं ने खतरे को देखते हुए बार-बार चेतावनी दी थी, लेकिन ठेकेदार और नाविक ने उसे अनसुना कर दिया। परिणाम स्वरूप नाव पुल से टकराकर पलट गई।

इस भीषण हादसे में अब तक 11 लोगो के शव बाहर निकाले जा चुके हैं जिनमे 6 महिलाएं और5 पुरुष शामिल हैं जबकि घायल आठ लोगो का उपचार अभी जारी है। यमुना हादसे में अभी भी पांच लोग लापता हैं, जिनकी तलाश में एनडीआरएफ की आठ, एसडीआरएफ की पांच और फ्लड पीएसी की तीन टीमें जुटी हुई हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि नाविक पप्पू ने लालच में आकर क्षमता से अधिक सवारियां बिठाई थीं और नाव में सुरक्षा मानकों (लाइफ जैकेट आदि) का पूर्ण अभाव था। वहीं ठेकेदार बिना किसी पूर्व सूचना या सुरक्षा घेरे के भारी मशीनरी से पुल खिंचवा रहा था। मांट पुलिस ने दोनों के विरुद्ध धारा 105 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

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