वॉशिंगटन/सना , मार्च 28 -- यमन में हूती बलों ने कहा है कि उन्होंने ईरान, लेबनान, इराक और फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर हमलों के जवाब में इज़रायल के सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
संघर्ष शुरू होने के बाद यह इज़रायल पर उनका पहला हमला है।हूती हमले ऐसे समय हुए हैं जब अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच संघर्ष तेज हो गया है।
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने अल-मसीरा टीवी के हवाले से कहा कि हमले "तब तक जारी रहेंगे जब तक घोषित उद्देश्यों को हासिल नहीं किया जाता और प्रतिरोध के सभी मोर्चों पर आक्रमण बंद नहीं होता।"इज़रायली सेना ने कहा कि उसने एक मिसाइल को मार गिराया। ये हमले ब्रिगेडियर सरी के उस बयान के बाद हुए, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि हूती इस संघर्ष में शामिल होंगे। उन्होंने कहा था कि "संवेदनशील इज़रायली सैन्य ठिकाने" उनका निशाना होंगे।
रात के दौरान बीर शेबा सहित कई इलाकों और इज़रायल के प्रमुख परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास सायरन बजे, जबकि ईरान और हिजबुल्लाह ने इज़रायल पर हमले जारी रखे। हूती 2014 से यमन की राजधानी सना पर नियंत्रण रखते हैं और अब तक अमेरिका-इज़रायल संघर्ष से मोटे तौर पर बाहर रहे थे।
इज़रायल की सेना ने कम से कम एक मिसाइल को रोकने की पुष्टि की है। अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच युद्ध में हूती हस्तक्षेप से लाल सागर के पास एक नया मोर्चा खुलने की आशंका बढ़ गई है। इज़राइल-हमास युद्ध के दौरान इस मिलिशिया ने नवंबर 2023 से जनवरी 2025 के बीच 100 से अधिक व्यापारिक जहाजों पर हमले कर समुद्री यातायात बाधित किया था, जिसमें दो जहाज डूबे और चार नाविकों की मौत हुई थी।
लाल सागर के जरिए हर वर्ष लगभग एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का व्यापार होता है। हूती हमलों के बाद पश्चिमी देशों को समुद्री सुरक्षा बढ़ानी पड़ी और कई जहाजों को अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते मोड़ना पड़ा। इस बीच, क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका द्वारा अतिरिक्त 17,000 सैनिक तैनात करने पर विचार किए जाने की भी रिपोर्टेें हैं।
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