रांची , अक्टूबर 28 -- झारखंड राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे "मौधा" चक्रवात को देखते हुए झारखण्ड के सभी जिलों के उपायुक्तों को सतर्कता एवं आवश्यक तैयारी के निर्देश जारी किए हैं।
मंत्री डॉ. अंसारी ने आज कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यह चक्रवात एक गंभीर ट्रॉपिकल तूफान के रूप में विकसित हो सकता है, जिसके प्रभाव से झारखण्ड के दक्षिणी एवं मध्य हिस्सों में तेज हवाएँ, भारी वर्षा एवं बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना जताई गई है।उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि स्थिति से निपटने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएँ।
मंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आपात बैठक आयोजित कर सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा जाए।एनडीआरएफ/एसडीआर एफ टीमों को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रखा जाए। निचले एवं जलभराव वाले इलाकों की पहचान कर वहाँ के लोगों को सुरक्षित स्थलों पर स्थानांतरित करने की योजना बनाई जाए।बिजली आपूर्ति, संचार व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त एवं सक्रिय रखा जाए। सभी बीडीओ और थानाध्यक्षों को चौबीसों घंटे निगरानी और रिस्पॉन्स के लिए निर्देशित किया गया है।
जनसंपर्क पदाधिकारियों के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सतर्क किया जाए कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि हर स्तर पर तैयारी पूरी रखी जाए ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या क्षति को न्यूनतम किया जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि जिलों द्वारा की गई तैयारियों और उठाए गए कदमों की रिपोर्ट तत्काल आपदा प्रबंधन विभाग को उपलब्ध कराई जाए।
डॉ. अंसारी ने जनता से भी अपील की है कि वे सतर्क रहें, अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
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