जालंधर , फरवरी 18 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं भोलाथ से विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने बुधवार को मोहाली में युवा गुरसेवक सिंह की हत्या पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घटना ने पंजाब में कानून-व्यवस्था के पूर्ण पतन, स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के भेदभावपूर्ण कामकाज और भगवंत मान सरकार के तहत व्याप्त खतरनाक वीआईपी संस्कृति को उजागर कर दिया है।

श्री खैरा ने कहा कि इस घटना से राज्य की पुलिस व्यवस्था पर बेहद गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा, " यह चौंकाने वाली बात है कि घटनास्थल के पास पुलिस की पीसीआर गाड़ी मौजूद थी, फिर भी हमलावरों ने बेखौफ होकर हत्या को अंजाम दिया। यह पुलिस व्यवस्था की पूर्ण विफलता को दर्शाता है और यह भयावह संदेश देता है कि पंजाब में कोई भी नागरिक सुरक्षित नहीं है। "कांग्रेस नेता ने मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में घोर चिकित्सा लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब गंभीर रूप से घायल गुरसेवक सिंह को अस्पताल लाया गया, तो कथित तौर पर उनकी देखभाल नहीं की गयी, क्योंकि चिकित्सा कर्मचारियों और डॉक्टरों को मुख्यमंत्री भगवंत मान के इलाज में लगा दिया गया था।

उन्होंने कहा, " अगर गुरसेवक सिंह को समय पर चिकित्सा सहायता मिल जाती, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। यह एक दुखद उदाहरण है कि कैसे वीआईपी संस्कृति आम नागरिकों की जान ले रही है। "श्री खैरा ने सरकारी अस्पतालों में 'विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा' उपलब्ध कराने के आम आदमी पार्टी के बार-बार किये जाने वाले दावों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, " अगर पंजाब के सरकारी अस्पताल वाकई विश्व स्तरीय हैं, तो मुख्यमंत्री बार-बार महंगे निजी अस्पतालों में इलाज क्यों करवाते हैं? इससे आप नेतृत्व के खोखले दावे और दोहरे मापदंड उजागर होते हैं। "श्री खैरा ने अपराध स्थल पर कानून-व्यवस्था की विफलता और पुलिस की प्रतिक्रिया, मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में कथित चिकित्सा लापरवाही और चूक और वे परिस्थितियां जिनके कारण वीआईपी उपचार के लिए चिकित्सा संसाधनों का हस्तांतरण मामलों में उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।

उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मृतक के परिवार के लिए पर्याप्त मुआवजे और न्याय की भी मांग की।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित