अमृतसर , जनवरी 03 -- मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ानों की संख्या बढ़ाने की बात किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने मुख्यमंत्री के इस रुख पर कड़ा ऐतराज जताते हुए शनिवार को कहा कि केवल मोहाली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की सोच न सिर्फ एकतरफा है, बल्कि इससे अमृतसर जैसे वैश्विक पहचान वाले शहर के साथ गंभीर अन्याय हो रहा है।
सांसद औजला ने कहा कि अमृतसर कोई नया या उभरता हुआ शहर नहीं, बल्कि पहले से ही देश-विदेश में जाना-पहचाना नाम है। सिख धर्म के सर्वोच्च तीर्थ श्री हरिमंदिर साहिब के कारण अमृतसर पूरी दुनिया के श्रद्धालुओं और पर्यटकों का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष लाखों एनआरआई, विदेशी पर्यटक और घरेलू यात्री अमृतसर आते हैं, इसके बावजूद हवाई सेवाओं के विस्तार के मामले में यह शहर लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पंजाब का सबसे व्यस्त और सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। यूके, कनाडा, यूरोप, अमेरिका और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों के लिए अमृतसर सीधा जुड़ाव रखता है। धार्मिक पर्यटन, विरासत पर्यटन और सीमावर्ती व्यापार के चलते अमृतसर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की मांग वर्षों से बनी हुई है, जिसे नजरअंदाज करना राज्य के हितों के खिलाफ है।
सांसद औजला ने स्पष्ट किया कि वह स्वयं कई बार अमृतसर एयरपोर्ट को लेकर सरकार और संबंधित विभागों के समक्ष ठोस मांगें रख चुके हैं। संसद से लेकर एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की बैठकों तक उन्होंने अमृतसर से सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने, घरेलू कनेक्टिविटी बढ़ाने और एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे के विस्तार की जरूरत पर जोर दिया है।
उन्होंने अमृतसर से लंदन, कनाडा और अन्य यूरोपीय देशों के लिए सीधी उड़ानों की मांग के साथ-साथ नांदेड़ साहिब, गुवाहाटी और धर्मशाला जैसे धार्मिक व सामाजिक महत्व वाले रूट्स को भी शुरू करने की मांग उठाई है।
उन्होंने कहा कि टर्मिनल विस्तार और भविष्य की यात्री क्षमता को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के विकास को लेकर भी लगातार आवाज उठाई है लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा करते हुए मुख्यमंत्री मान ने केवल मोहाली की बात की।
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए सांसद औजला ने कहा कि मोहाली को आगे बढ़ाना गलत नहीं है, लेकिन अमृतसर को नजरअंदाज कर केवल एक शहर को केंद्र में रखना पंजाब की भौगोलिक, धार्मिक और आर्थिक वास्तविकता से मुंह मोड़ने जैसा है।
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