नयी दिल्ली , दिसंबर 10 -- मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के संगठन सीओएआई ने सिम बाइंडिंग के सरकार के आदेश का स्वागत करते हुए बुधवार को कहा कि लोगों में यह गलत अवधारणा फैलायी जा रही है कि इससे निजता और गोपनीयता का उल्लंघन होगा।
सरकार ने देश में सेवा देने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के लिए सिम बाइंडिंग अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है, यानी कि जिस नंबर पर सोशल मीडिया ऐप सक्रिय किया गया है उस सिम के मोबाइल में रहने तक ही वह ऐप लॉग इन रह सकेगा।
सीओएआई ने कहा कि यूपीआई और भुगतान ऐप के लिए देश में पहले से ही सिम बाइंडिग लागू है। उसने कहा है कि विदेशों में जाने पर यूजर वाई-फाई या स्थानीय सिम के डाटा का इस्तेमाल करते हुए भी तब तक ऐप का इस्तेमाल जार रख सकेगा जब तक सेकेंड्री स्लॉट में ऐप से जुड़ा भारतीय सिम है।
उसने कहा कि विदेशों में बैठे डिजिटल ठगों से लोगों को बचाने के लिए सिम बाइंडिग जरूरी है।
संगठन के प्रेस नोट में एक निश्चित समय के बाद लॉगआउट के नियम के बारे में कहा गया है कि बैंकिंग पोर्टल, डिजी लॉकर, आधार और वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क सेशन समाप्त करने के इससे भी कड़े मानक अपनाते हैं।
निजता के उल्लंघन के बारे में प्रेस नोट में कहा गया है कि सिम बाइंडिंग के लिए किसी अतिरिक्त डाटा संग्रह की जरूरत नहीं होती है। साथ ही इससे मैसेजिंग आदि पर कोई असर नहीं होता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित