विजयवाड़ा , अक्टूबर 29 -- चक्रवाती तूफान 'मोन्था' ने मंगलवार रात तट पार कर आंध्र प्रदेश के सात जिलों में काफी तबाही मचायी और बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गयी है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार 'मोन्था' ने पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी, विशाखापत्तनम, कृष्णा, गुंटूर, प्रकाशम और नेल्लोर जिलों में कृषि क्षेत्र को तबाह कर दिया है जिससे 4.50 लाख एकड़ से अधिक की फसलें बर्बाद हो गयी हैं।
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को जिला कलेक्टरों और अन्य अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करते हुये प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर राहत अभियान चलाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पीड़ितों को चावल और तेल सहित आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, चक्रवात के कारण राज्य भर में 4.50 लाख एकड़ से अधिक की फसलें बर्बाद हुयी हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कोनासीमा ज़िले में चक्रवात से 20,000 एकड़ से ज़्यादा की फ़सलें बर्बाद हो गयी और प्रभावित ज़िलों में 300 से ज़्यादा बिजली के खंभे और हज़ारों पेड़ उखड़ गए हैं। इसके अलावा बिजली सब-स्टेशनों में 54 ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं और 137 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सरकार ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों को 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित