अहमदाबाद , मार्च 31 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को यहां बनासकांठा जिले के वाव-थराद में एक जनसभा को संबोधित किया जहां उन्होंने उत्तर गुजरात के लिए लगभग 20,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने पहली बार सीधे दीसा एयरबेस पर उतरने की खुशी व्यक्त करते हुए इसकी सामरिक महत्ता पर प्रकाश डाला, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय सीमा से मात्र 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उन्होंने बताया कि दीसा एयरपोर्ट का विस्तार दशकों से अटका हुआ था, जबकि किसानों ने स्वेच्छा से अपनी भूमि दे दी थी। उन्होंने कहा ,"हमारी सरकार ने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया। यह हवाई अड्डा विकास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होने के साथ-साथ देश के लिए एक बड़ा सामरिक संसाधन भी है।" क्षेत्र के विकास के साथ अपने 25 वर्षों के जुड़ाव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने जिस विकास यात्रा की शुरुआत की थी, वह अब तक निरंतर जारी है और 2014 के बाद वर्तमान सरकार ने उसे और मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि आज शुरू की गई परियोजनाएं ऊर्जा, सड़क, रेलवे और आवास जैसे क्षेत्रों से संबंधित हैं। उन्होंने कहा, "20,000 करोड़ की ये परियोजनाएं इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल देंगी और यहां के जीवन को नई गति देंगी।
सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का विवरण देते हुए प्रधानमंत्री ने इडर से वडाली बायपास तक 4-लेन हाईवे, धोलावीरा से सांतलपुर तक हाईवे उन्नयन और अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसी कनेक्टिविटी से उद्योग, निवेश और अवसर आते हैं। रेल कनेक्टिविटी पर उन्होंने हिम्मतनगर से खेड़ब्रह्मा तक गेज परिवर्तन और खेड़ब्रह्मा, हिम्मतनगर और असारवा को जोड़ने वाली नई ट्रेन सेवा की शुरुआत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "जब गांव बाजारों से, किसान अवसरों से और युवा रोजगार से जुड़ते हैं, तभी वास्तविक विकास होता है।"ऊर्जा को औद्योगिक विकास और निवेश का आधार बताते हुए प्रधानमंत्री ने खावड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क से जुड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स का उल्लेख किया, जो 4.5 गीगावाट बिजली उत्पन्न करेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि 2010 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने चारणका में देश का पहला सौर पार्क शुरू किया था, जिसने राज्य को नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी बनने की नींव रखी। उन्होंने कहा, "वह दिन दूर नहीं जब गुजरात वैश्विक स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनेगा।"गुजरात के 25 वर्षों के निरंतर विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य ने लगातार नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि 2005 में 'शहरी विकास वर्ष' की शुरुआत 650 करोड़ रुपये के बजट से हुई थी, जो अब बढ़कर 33,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा, "जब तक पंचायत से संसद तक आपका विश्वास बना रहेगा, विकास की सुपरफास्ट एक्सप्रेस इसी गति से चलती रहेगी।"वैश्विक स्थिति पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कई देश युद्ध, अस्थिरता और ईंधन की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं, जहां पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में 10 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी सफल विदेश नीति और लोगों की एकता के बल पर स्थिति को नियंत्रित रखा है।
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