नयी दिल्ली , फरवरी 22 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को इज़रायल के साथ भारत की मज़बूत और हमेशा चलने वाली दोस्ती को फिर से सुनिश्चित किया।
श्री मोदी ने इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तारीफ़ की और दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों की गहराई और अलग-अलग तरह के रिश्तों पर ज़ोर दिया।
श्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर श्री नेतन्याहू को धन्यवाद दिया और दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने लिखा, "धन्यवाद, मेरे दोस्त,प्रधानमंत्री नेतन्याहू। मैं भारत और इज़रायल के बीच के रिश्ते और हमारे आपसी रिश्तों के अलग-अलग तरह के स्वरूप पर आपसे पूरी तरह सहमत हूँ।"रिश्ते की बुनियाद पर ज़ोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत इज़रायल के साथ पक्की दोस्ती को बहुत महत्व देता है, जो भरोसे, नवाचार और शांति और तरक्की के लिए एक जैसी प्रतिबद्धता पर बनी है।"श्री मोदी ने कहा कि वह अपने इज़रायल के आगामी दौरे पर बातचीत का इंतज़ार कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों के बीच लगातार उच्च स्तर की बातचीत का संकेत मिलता है।
गौरतलब है कि भारत और इज़रायल के बीच 1992 में कूटनीतिक रिश्ते स्थापित हुए थे और ये रिश्ते रक्षा , खेती, जल प्रबंधन , विज्ञान,तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे हैं। हाल के सालों में, साइबर सुरक्षा , नवाचार और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम जैसे एरिया में सहयोग ने रफ़्तार पकड़ी है, जिसे दोनों देशों के नेताओं ने भविष्योन्मुखी साझेदारी के तौर पर बताया है।
रक्षा सहयोग रिश्ते का एक अहम हिस्सा बना हुआ है, जिसमें इज़रायल भारत के अहम रक्षा साझेदारों में से एक है। साथ ही, लोगों के बीच बातचीत, अकादमिक सहयोग और संयुक्त अनुसंधान की कोशिशों ने जुड़ाव का दायरा बढ़ाया है।
उम्मीद की जा रही है कि श्री मोदी के आगामी इजरायल दौरे से दौरान दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग की समीक्षा करेंगे और तकनीक , व्यापार और क्षेत्रीय सम्पर्क के क्षेत्र नए रास्ते तलाशेंगे।
विश्लेषकों का का कहना है कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश आर्थिक मजबूती और नवाचार से होने वाले विकास को मजबूत करना चाहते हैं। पिछले कुछ सालों में श्री मोदी और श्री नेतन्याहू ने सार्वजनिक तौर पर एक-दूसरे को करीबी साझेदार बताया है और उनकी बातचीत में वह बात दिखी है जिसे अधिकारी आपसी सम्मान और साझा लोकतांत्रिक मूल्य पर आधारित "रणनीतिक साझेदारी" कहते हैं।
कूटनीतिक के जानकारों का मानना है कि श्री मोदी के दौरे से दोनों देशों के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे, जिससे दोनों नेता भरोसे और शांति तथा विकास की आम उम्मीदों पर आधारित रिश्ते को और मजबूत करेंगे।
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