नयी दिल्ली , जनवरी 22 -- कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को खत्म करने के खिलाफ शुरु हुई लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने देने और मनरेगा की बहाली के लिए सबको एकजुट होना पड़ेगा।
श्री गांधी ने रचनात्मक कांग्रेस के प्रमुख संदीप दीक्षित द्वारा "मनरेगा बचाओ मोर्चा" के कार्यकर्ताओं के गुरुवार को यहां आयोजित राष्ट्रीय संवाद को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा चाहती है कि देश में लोकतंत्र, संविधान और 'एक व्यक्ति एक वोट' की अवधारणा खत्म हो और आजादी से पहले वाला हिंदुस्तान फिर से वापस लाया जाय। इसी सोच का परिणाम है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को मनरेगा के तहत मिले अधिकार को खत्म करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा ने गरीबों को रोजगार की गारंटी और सम्मान से जीने का अधिकार दिया था। मनरेगा के पीछे की सोच थी कि जिसे भी काम की जरूरत हो, वो सम्मान के साथ वह अधिकार के साथ काम मांग सके और अधिकार के साथ उसे काम मिले। मनरेगा को पंचायती राज के तहत चलाया जाता था और यह लोगों की आवाज और उनका अधिकार था लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे खत्म करने में लगे हैं लेकिन कांग्रेस इसके लिए लड़ रही है और सरकार को मनरेगा की बहाली के लिए मजबूर करेगी। उनका कहना था कि इससे पहले मोदी सरकार किसानों के खिलाफ काले कानून लेकर आई थी, जिसे किसानों ने रोक दिया। जो अन्याय किसानों के साथ किया गया था, वही अब मजदूरों के साथ किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा "कुछ साल पहले भाजपा सरकार 'तीन काले कृषि कानून' लेकर आई और इसके जरिए उसने किसानों पर आक्रमण किया लेकिन किसानों और हम सबने श्री मोदी पर दबाव डाल कर उसे रोक दिया। अब उसी तरह का हमला मजदूरों पर करने की कोशिश हो रही है और अब केंद्र सरकार निर्णय लेगी कि किस राज्य को कितना पैसा भेजा जाएगा। भाजपा शासित राज्य में ज्यादा पैसा जाएगा और विपक्ष शासित राज्य में कम पैसा जाएगा। केंद्र सरकार ही तय करेगी कि कब कहां काम होगा, किसको कितनी मजदूरी मिलेगी। जो अधिकार मजदूरों को मिलते थे, अब वह ठेकेदारों को मिलेंगे। भाजपा की विचारधारा है कि देश की धन, संपत्ति चुने हुए हाथों में हो और वही लोग इस देश को चलाएं। भाजपा चाहती है कि देश का पूरा धन अमीरों के हाथ में चला जाए, ताकि गरीब, दलित और आदिवासी लोग उनपर निर्भर हो जाएं और उनकी बात मानें।"श्री गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार मनमाने कानून बनाकर लोकतंत्र, संविधान और 'एक व्यक्ति-एक वोट' के अधिकार को खत्म करना चाहती है। उनकी मंशा है कि हिंदुस्तान के चुने हुए लोगों के पास ही शक्ति हो और वे जिस तरह से चाहें देश को चलाएं। गरीबों को कुचलने और उन्हें चलाने का अधिकार भाजपा अडानी-अंबानी को देना चाहती है और सारे अधिकार उन्हें मिले तथा गरीब पूरी तरह से देश के इन अमीरों पर निर्भर होकर रहें। गरीब उनकी बात मानें और अगर नहीं मानते हैं तो गरीब भूखा मरे। यही ये लोग चाहते हैँ इसलिए गरीबों को रोजगार का अधिकार देने वाले मनरेगा को खत्म किया जा रहा है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा "इनकी मंशा है मनमानी करना इसलिए आजादी से पहले के राजा महाराजाओं की तरह सरकार चलाना चाहते हैं। आधुनिक व्यवस्था से वे खुश नहीं हैं इसलिए पुराने रास्ते पर चलने का प्रयास कर रहे हैँ। इनकी मनमानी रोकनी है तो इसका एक ही तरीका है कि सबको मिलकर साथ खड़ा होना पड़ेगा। मैं जानता हूं कि ये बहुत डरपोक लोग हैं और यदि हम मिलकर एक साथ खड़े हुए तो ये पीछे हट जाएंगे।"उन्होंने कहा कि मनरेगा जनता का अधिकार है और कांग्रेस पार्टी इसे किसी कीमत पर मरने नहीं देगी। कांग्रेस का हाथ हमेशा मजदूरों के साथ रहा है और आगे भी मजबूती से मजदूरों के साथ रहेगा। उनका कहना था कि यह लड़ाई गांव बचाने की है क्योंकि गांव बचेगा तो देश बचेगा इसलिए इस लड़ाई को हम सबको मिलकर लड़ना है।
इस बीच कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कार्यक्रम समापत होने के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि इस लड़ाई में कांग्रेस अकेली नहीं है बल्कि पूरा विपक्ष एकजुट है और उनकी एकजुटता संसद के बजट सत्र में दिखाई देगी।
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