जयपुर , अप्रैल 18 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि यदि उन्हें अपनी बात पर इतना भरोसा है तो उन्हें लोकसभा भंग कर देश में चुनाव कराकर इस मुद्दे पर नया बहुमत मांगना चाहिए।

श्री गहलोत ने शनिवार रात मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में यह बात कही। उन्होंने कहा कि आज श्री मोदी ने जिस तरह कहा कि देशभर की महिलाएं कांग्रेस समेत सभी विपक्षी पार्टियों को कड़ा जवाब देंगी और सबक सिखाएंगी। यदि उन्हें अपनी बात पर इतना भरोसा है तो उन्हें इसी मुद्दे पर लोकसभा भंग कर देश में चुनाव करवा कर इस मुद्दे पर नया बहुमत मांगना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की जातिगत जनगणना की बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करना. अन्य पिछड़ा वर्ग ( ओबीसी) महिलाओं के हक को लूटने जैसा था, क्योंकि 2026 की जनगणना के बाद देश में ओबीसी की संख्या पता चलेगी और उनके लिए भी आरक्षण मिल सकेगा।

श्री गहलोत ने कहा कि बंगाल एवं तमिलनाडू के चुनावों के बीच इस तरह का संबोधन आचार संहिता का उल्लंघन है, लेकिन चुनाव आयोग भाजपा का चुनाव विभाग बन गया है इसलिए कोई कार्रवाई नहीं करेगा।

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