गांधीनगर , जनवरी 27 -- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भगवान श्री स्वामीनारायण की 'शिक्षापत्री' के 200 वर्ष पूर्ण होने पर गुजरात के गांधीनगर के अडालज में आयोजित 'समैयो महोत्सव' में मंगलवार को कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ऐसा शासन आ गया है, जहां सनातन धर्म के अनुयायी कभी निराश नहीं होंगे।

श्री शाह ने कहा कि शिक्षापत्री सिर्फ एक धार्मिक किताब नहीं है, बल्कि एक नैतिक संविधान है जो किसी को व्यवहारिक और अच्छा जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन करता है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने शिक्षापत्री के 200 श्लोकों की महिमा बताते हुए कहा कि इसमें धर्म, ज्ञान, वैराग्य और भक्ति के साथ-साथ व्यावहारिक पक्ष भी बहुत मजबूत है। बिना लिखे कागजात के लोन न देना या किसी के घर में पिछले दरवाज़े से न घुसना जैसी छोटी-छोटी बातें भी जीवन को अनुशासित बनाती हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक ऐसा शासन आ गया है, जहां सनातन धर्म के अनुयायी कभी निराश नहीं होंगे, जिसका सबसे अच्छा उदाहरण राम मंदिर का निर्माण और अनुच्छेद 370 और तीन तलाक को हटाना है।

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