जयपुर , मई 11 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमनाथ मंदिर को भारत की सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय स्वाभिमान और अटूट आस्था का प्रतीक बताते हुए युवाओं का आह्वान किया है कि उन्हें भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाकर सशक्त और आत्मनिर्भर भारत निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।

श्री शर्मा सोमवार को यहां झारखंड महादेव मंदिर में आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री इस दौरान गुजरात के सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव में वीसी के माध्यम से जुड़े और प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर विदेशी हमलावरों ने अनेक बार आक्रमण किये। मंदिर में लूटपाट की गयी लेकिन यह मंदिर हर बार और अधिक भव्यता एवं स्वाभिमान के साथ पुनः स्थापित हुआ। उन्होंने कहा, " हमें हमारी समृद्ध विरासत, संस्कृति और स्वाभिमान को संजोते हुए आगामी पीढ़ी तक पहुंचाना है।"मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में यह आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। साथ ही हर जिले में इस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के समय लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था।

श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में 'विकास भी, विरासत भी' की संकल्पना को धरातल पर साकार किया जा रहा है। देशभर में धार्मिक स्थानों के विकास कर सनातन संस्कृति के उत्थान का कार्य किये जा रहे हैं। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारधाम पुनर्विकास, महाकाल लोक तथा धार्मिक स्थलों में विकास कार्यों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक चेतना को नयी ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं तथा उन्होंने सोमनाथ मंदिर के विकास एवं संरक्षण के लिए भी उल्लेखनीय कार्य किये हैं। उन्होंने इस अवसर पर अगले एक हजार दिनों के लिए विशेष पूजा की घोषणा भी की है।

उन्होंने कहा कि पिछले सवा दो साल में राज्य सरकार ने प्रदेश में आध्यात्मिक उत्थान एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। पुष्कर, खाटूश्यामजी, नाथद्वारा, केशोरायपाटन, डीग और चित्तौड़गढ़ जैसे धार्मिक एवं हेरिटेज शहरों में हेरिटेज वॉक-वे निर्माण, किराडू के मंदिर समूह का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के कार्य, पुष्कर, खाटूश्याम जी, देशनोक, डिग्गी में मुख्य प्रवेश मार्ग को मॉडल के रूप में विकास सहित धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रावधान किये गये हैं। साथ ही वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत हजारों वरिष्ठजनों को हवाई एवं एसी ट्रेन के माध्यम से तीर्थ यात्रा का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, " सोमनाथ मंदिर का भव्य निर्माण हमें याद दिलाता है कि सृजन की शक्ति विनाश से कहीं अधिक प्रबल होती है। हमारी संस्कृति का स्वभाव है कि हम झुकते नहीं, टूटते नहीं, बल्कि हर चुनौती के बाद और अधिक मजबूती से खड़े होते हैं।"उन्होंने कहा कि स्वच्छता, ईमानदारी, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सम्मान और राष्ट्रसेवा हमारी समृद्ध विरासत का हिस्सा हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने झारखंड महादेव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं कल्याण के लिए कामना की।

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