जयपुर , जनवरी 06 -- केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है और आधार, जनधन, मोबाइल कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से भारत ने ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिससे विकसित देश भी भारत के साथ सहयोग करने के लिए आगे आ रहे हैं।

श्री प्रसाद ने आज यहां जेईसीसी में आयोजित राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि श्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में जीवन का अभिन्न हिस्सा बनेगा, जिससे उत्पादन, क्षमता और नवाचार में वृद्धि होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करना है ताकि इसका लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति और गांव तक पहुंचे सके।

उन्होंने कहा कि भारत के पास विशाल डेटा संसाधन हैं जो देश की सबसे बड़ी शक्ति है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी है कि वे उपयोगकर्ताओं को यह स्पष्ट रूप से बताएं कि कौन-सा कंटेंट एआई द्वारा निर्मित है।

श्री प्रसाद ने बताया कि भारत में शीघ्र ही एक वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में विश्व के अनेक देशों, वैश्विक कंपनियों और तकनीकी विशेषज्ञों की भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में भारत ग्लोबल साउथ के देशों के साथ एआई और उन्नत प्रौद्योगिकी का समान और न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करेगा ताकि तकनीक केवल कुछ देशों तक सीमित न रहे बल्कि पूरी दुनिया के विकास में सहायक बने।

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