सोमनाथ , जनवरी 10 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव के सान्निध्य में आयोजित हो रहे 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में शामिल होने के लिए शनिवार शाम गुजरात के सोमनाथ पहुंचे, जहां राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उनका भावपूर्ण स्वागत किया।
श्री मोदी के हेलीपैड पर स्वागत-सत्कार के लिए उप मुख्यमंत्री हर्षभाई संघवी, शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमनभाई वाजा, मांडवी के विधायक अनिरुद्धभाई दवे, कलेक्टर एन.वी. उपाध्याय, जिला पुलिस अधीक्षक जयदीपसिंह जाडेजा और अग्रणी डॉ. संजयभाई परमार उपस्थित रहे।
उललेखनीय है कि श्री मोदी इस दौरान सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में भाग लेंगे। वे आज करीब 2000 बजे ओंकार मंत्र का जाप कर सोमनाथ मंदिर में ड्रोन शो का अवलोकन करेंगे।
प्रधानमंत्री 11 जनवरी को सुबह लगभग 0945 बजे शौर्य यात्रा में भाग लेंगे। यह एक औपचारिक शोभा यात्रा है जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले अनगिनत योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित की जाती है। शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकलेगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा। इसके बाद, लगभग 1015 बजे प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। वे लगभग 1100 बजे सोमनाथ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे और एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, आठ जनवरी को शुरू हुआ। यह पर्व 11 जनवरी तक चलेगा। सोमनाथ में आयोजित किया जा रहा यह पर्व भारत के उन असंख्य नागरिकों की स्मृति में मनाया जा रहा है, जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया और जो आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करते रहेंगे।
यह कार्यक्रम 1026 ईस्वी में महमूद गजनी के सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण की 1,000वीं वर्षगांठ की स्मृति में आयोजित किया गया है। सदियों से इसे नष्ट करने के कई बार प्रयास किए जाने के बावजूद, सोमनाथ मंदिर आज भी सुगमता, आस्था और राष्ट्रीय गौरव के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में मौजूद है। इसका श्रेय इसे इसके प्राचीन वैभव में पुनर्स्थापित करने के सामूहिक संकल्प और प्रयासों को जाता है।
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