, Jan. 16 -- श्री मोदी शनिवार को लगभग शाम 6 बजे गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में बोडो समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाने वाले ऐतिहासिक सांस्कृतिक कार्यक्रम "बागुरुम्बा द्वहोउ 2026" में भाग लेंगे। इस अवसर पर बोडो समुदाय के 10,000 से अधिक कलाकार एक साथ समन्वित प्रस्तुति में बागुरुम्बा नृत्य का प्रदर्शन करेंगे। राज्य के 23 जिलों की 81 विधानसभा क्षेत्रों से कलाकार इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।
बागुरुम्बा बोडो समुदाय का एक प्रमुख लोकनृत्य है जो प्रकृति से गहराई से प्रेरित है। यह नृत्य खिलते हुए फूलों का प्रतीक है और मानव जीवन तथा प्राकृतिक संसार के बीच सामंजस्य को दर्शाता है। पारंपरिक रूप से यह नृत्य युवा बोडो महिलाओं द्वारा किया जाता है,जबकि पुरुष संगीतकार के रूप में साथ देते हैं। इस नृत्य में कोमल और लयबद्ध गतियां होती हैं, जो तितलियों, पक्षियों, पत्तियों और फूलों की नकल करती हैं। आमतौर पर यह समूहों में प्रस्तुत किया जाता है, जिसमें गोलाकार या पंक्तिबद्ध संरचनाएं इसकी दृश्यात्मक सुंदरता को बढ़ाती हैं।
बागुरुम्बा नृत्य का बोडो समाज में गहरा सांस्कृतिक महत्व है। यह शांति, उर्वरता, आनंद और सामूहिक सौहार्द का प्रतीक है तथा बोडो नववर्ष 'ब्विसागु' और 'डोमासी' जैसे त्योहारों से गहराई से जुड़ा हुआ है।
श्री मोदी राष्ट्रीय राजमार्ग 715 के कालियाबोर-नुमालीगढ़ खंड के चार लेन चौड़ीकरण से संबंधित काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन करेंगे। इस परियोजना की लागत 6,950 करोड़ रुपये से अधिक है। कुल 86 किलोमीटर लंबी काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना एक पर्यावरण-संवेदनशील राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना है। इसमें काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरने वाला 35 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर, 21 किलोमीटर का बायपास खंड तथा एनएच-715 के मौजूदा दो लेन मार्ग को चार लेन में विस्तारित करने का 30 किलोमीटर का कार्य शामिल है। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्रीय संपर्क में सुधार के साथ-साथ काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की समृद्ध जैव विविधता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
यह परियोजना नगांव, कार्बी आंगलोंग और गोलाघाट जिलों से होकर गुजरेगी और अपर असम, विशेष रूप से डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया के लिए संपर्क को उल्लेखनीय रूप से बेहतर बनाएगी। एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर से वन्यजीवों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी आएगी। इसके साथ ही यह सड़क सुरक्षा में सुधार, यात्रा समय और दुर्घटनाओं में कमी तथा यात्री और माल ढुलाई यातायात की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायक होगी। परियोजना के अंतर्गत जाखलाबंधा और बोकाखाट में बायपास का भी विकास किया जाएगा, जिससे कस्बों में भीड़भाड़ कम होगी, शहरी गतिशीलता में सुधार होगा और स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में वृद्धि होगी।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। ये ट्रेनें गुवाहाटी (कामाख्या)-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस और डिब्रूगढ़-लखनऊ (गोमती नगर) अमृत भारत एक्सप्रेस हैं। ये नई रेल सेवाएं पूर्वोत्तर और उत्तरी भारत के बीच रेल संपर्क को सुदृढ़ करेंगी तथा लोगों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा सुनिश्चित करेंगी।
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