बीजापुर/रायपुर , नवंबर 12 -- छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिला अस्पताल में हुए मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद नौ मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण फैल गया है, जिन्हें तुरंत उच्च इलाज के लिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया है। इनमें से तीन मरीजों की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है और उनकी आंखों की रोशनी जाने का खतरा मंडरा रहा है।
अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 24 अक्टूबर को जिला अस्पताल में हुए सामूहिक ऑपरेशन में कुल 14 मरीजों की आंखों की सर्जरी की गई थी। कुछ दिनों बाद ही नौ मरीजों को धुंधला दिखने लगा और आंखों में दर्द की शिकायत शुरू हुई। प्रभावित सभी मरीज उसुर ब्लॉक के ग्रामीण हैं जिनमें अवलम दुग्गा (56), पुनेम जिम्मो (62), मोडियम मसे (67), अवलम कोरे (52), अवलम पोज्जे (70), बुधरी डोडी (60), पदम शांता (54), पेद्दी लक्ष्मी (62) और अवलम सोमे (70) शामिल हैं। इनमें आठ महिलाएं और एक पुरुष हैं।
सिविल सर्जन एवं जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. रत्ना ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, "ऑपरेशन के बाद संक्रमण के मामले सामने आए हैं। ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता की कमी और फॉलोअप जांच न होने से ऐसे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।"सीएमएचओ डॉ. बी.आर. पुजारी ने बताया, "नौ में से छह मरीजों में हल्का संक्रमण है, जबकि तीन की स्थिति गंभीर है। सभी का रायपुर में इलाज चल रहा है।"इस मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण बीजापुर में आंख के ऑपरेशन के बाद नौ लोगों की आंखों की रोशनी खतरे में है। यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी बस्तर के बारह से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी सरकारी लापरवाही से गई थी।"उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से जिम्मेदारी लेने की मांग की।
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