भोपाल , मार्च 11 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के आर्किटेक्चर एवं प्लानिंग विभाग के विद्यार्थियों ने रानी कमलापति महल के आसपास हो रहे विकास कार्यों का हेरिटेज इम्पैक्ट असेसमेंट अध्ययन किया।
संस्थान के लगभग 30 विद्यार्थियों ने प्रोफेसर डॉ. जगदीश सिंह के मार्गदर्शन में यह अध्ययन किया। इसका उद्देश्य यह जानना था कि आसपास के निर्माण और शहरी विकास का ऐतिहासिक महल पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और भविष्य में इसके संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
जानकारी के अनुसार रानी कमलापति महल का निर्माण गोंड शासक निजाम शाह की पत्नी रानी कमलापति द्वारा कराया गया था। यह महल भोपाल की ऊपरी झील के किनारे स्थित ऐतिहासिक तटबंध भोजपाल पर बना है, जिसका निर्माण राजा भोज ने कराया था। दो मंजिला यह महल अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली के लिए प्रसिद्ध है। इसमें लखौरी ईंटों का उपयोग, मेहराबें, नक्काशीदार स्तंभ और कमल की पंखुड़ी जैसी कंगूरियां इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं।
अध्ययन के दौरान विद्यार्थियों ने महल के आसपास हो रहे शहरी विकास, यातायात, पर्यटन गतिविधियों, झील किनारे के पर्यावरण तथा स्मारक के दृश्य परिदृश्य का अवलोकन और विश्लेषण किया। अध्ययन में यह सामने आया कि रानी कमलापति महल भोपाल की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है और शहर की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है।
विद्यार्थियों ने सुझाव दिया कि महल के आसपास विकास कार्य करते समय विरासत संरक्षण को ध्यान में रखते हुए संतुलित और संवेदनशील योजना बनाई जानी चाहिए, ताकि इस ऐतिहासिक स्मारक की सुंदरता और महत्व सुरक्षित रह सके। यह स्मारक राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्थल है और इसका संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया जाता है।
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