न्यू चंडीगढ़ , अप्रैल 29 -- राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग मंगलवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ अपनी टीम के इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 मैच के दौरान कैमरे पर वेपिंग करते हुए पकड़े जाने के बाद सवालों के घेरे में आ गए हैं, जिसके चलते भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।

महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में लाइव प्रसारण के दौरान रिकॉर्ड किया गया यह फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इस पर खूब बहस छिड़ गई। विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि बीसीसीआई ने इस मामले का संज्ञान लिया है और उम्मीद है कि कोई भी आगे की कार्रवाई करने से पहले वह खिलाड़ी से स्पष्टीकरण मांगेगा।

यह विवाद उस मैच के दौरान सामने आया, जो राजस्थान रॉयल्स के लिए वैसे तो एक यादगार मैच था। 223 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम ने चार गेंदें शेष रहते हुए छह विकेट से जीत हासिल की। यशस्वी जायसवाल (51) और वैभव सूर्यवंशी (43) के योगदान ने टीम को एक मजबूत शुरुआत दी, जबकि डोनोवन फरेरा (नाबाद 52) ने लक्ष्य का पीछा सफलतापूर्वक पूरा किया। हालांकि, मैच के बाद सबका ध्यान पराग के मैदान के बाहर के आचरण पर चला गया।

मैच के दौरान 24 वर्षीय खिलाड़ी की ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते हुए तस्वीरें बड़े पैमाने पर प्रसारित हुईं, जिससे प्रशंसकों की आलोचना का सामना करना पड़ा। इस घटना ने न केवल आचरण के बारे में, बल्कि भारतीय कानून के पालन के बारे में भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

भारत में 2019 के एक कानून के तहत ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जो निकोटीन की मात्रा की परवाह किए बिना उनके निर्माण, आयात, बिक्री और भंडारण को प्रतिबंधित करता है। इसका उल्लंघन करने पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना और यहां तक कि जेल की सजा भी हो सकती है, जबकि निजी इस्तेमाल और सार्वजनिक स्थानों पर वेपिंग करना भी प्रतिबंधित है।

पराग ने इस मैच में 29 रन बनाए, जो पंजाब किंग्स के लिए इस सीजन की पहली हार भी थी। हालांकि, इस सीजन में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है; उन्होंने नौ मैचों में 14.62 की औसत से केवल 117 रन बनाए हैं।

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