श्रीनगर , जनवरी 02 -- मीरवाइज उमर फारूक ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स बायो'से 'हुर्रियत अध्यक्ष ' का पदनाम हटाने के बाद अपने पहले संबोधन में शुक्रवार को जोर देकर कहा कि उनके 'विश्वास और मान्यताओं में कोई भी बदलाव नहीं आया है।

मीरवाइज फारूक ने कहा कि कुछ लोगों ने उनके सोशल मीडिया से हुर्रियत प्रोफाइल को हटाने को समझौता बताया। उन्होंने कहा, 'मैं उनसे कहता हूं, कैसे और किसलिए? सुरक्षा लेने के लिए। लेकिन यह मुझे 35 साल पहले मेरे पिता की शहादत के दिन से मिला हुआ है। अगर तब से इसके लिए मैंने समझौता नहीं किया है, तो अब क्यों करना चाहिए?"उन्होंने जोर दिया कि कश्मीर के लोगों के प्रति उनकी प्रतिबद्धताएं वही हैं। अपनी यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि 17 वर्ष की उम्र में अपने पिता की दुखद हत्या के बाद उन्होंने अपने लोगों की सेवा करना शुरू किया। उन्होंने जामिया मस्जिद के उपदेश मंच से पैगंबर की विरासत और उनकी जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाया है।

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