मेरठ , अप्रैल 05 -- मेरठ में जहरीली शराब समझी जा रही तीन मौतों की गुत्थी ने ऐसा मोड़ लिया है जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया कत्ल था और साजिश के केंद्र में थी मृतक की बहन और उसका प्रेमी शामिल था।

पुलिस के मुताबिक अंकित उर्फ दौलत की बहन अलका ने अपने प्रेमी पवन उर्फ पोली के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसकी वजह प्रेम संबंध में बाधा और करोड़ों की संपत्ति पर कब्जे की लालसा थी। हिरासत में लिए गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

घटना के अनुसार शुक्रवार शाम अंकित एक देसी शराब का पाउच लेकर कस्बे की आटा चक्की पर पहुंचा जहां बाबूराम प्रजापति और जितेंद्र कुमार पहले से मौजूद थे। तीनों ने साथ बैठकर शराब पी लेकिन कुछ ही मिनटों में उनकी हालत बिगड़ गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही तीनों ने दम तोड़ दिया।

पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि यह शराब सामान्य नहीं थी। पवन ने अवैध रूप से खरीदे गए पाउच में सिरिंज के जरिए जहर मिलाया था। योजना केवल अंकित को मारने की थी लेकिन किस्मत ने दो और जिंदगियां बाबूराम और जितेंद्र को छीन लिया जो इस साजिश के अनजाने शिकार बन गए।

जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने स्पष्ट किया है कि सरकारी ठेके से मिली शराब में कोई खामी नहीं थी। आबकारी प्रयोगशाला की रिपोर्ट में मेथेनॉल और अन्य घातक तत्व नकारात्मक पाए गए हैं जिससे पुष्टि हुई कि शराब में बाद में जहर मिलाया गया था।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पूरी कहानी को "शराब से मौत" का रूप देने की तैयारी कर रखी थी ताकि चुपचाप अंतिम संस्कार कर मामला दबा दिया जाए। लेकिन दो अतिरिक्त मौतों ने इस साजिश की परतें खोल दीं।

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